दिन में 41 डिग्री पार पहुंचेगा पारा, शाम ढलते बदलेगा मौसम का मिज़ाज, 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं झोंकेदार हवाएं
साईडलुक, डेस्क। जबलपुर और महाकौशल अंचल में गर्मी और उमस के बीच मानसून की आहट साफ सुनाई देने लगी है। सोमवार, 8 जून 2026 को संस्कारधानी का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह 05:23 बजे सूर्योदय और शाम 06:54 बजे सूर्यास्त के साथ दिनभर आसमान में आंशिक से घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। सुबह 10 बजे तक तापमान 35 डिग्री तक पहुंच जाएगा और यूवी इंडेक्स 10 यानी बहुत उच्च स्तर पर रहेगा, जो दोपहर 11 बजे 11 के चरम स्तर पर पहुंचेगा। दोपहर 2 से 4 बजे के बीच पारा 39 डिग्री पर ठहरा रहेगा और हल्की उत्तर-पश्चिमी हवाएं 12 से 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।
मौसम विभाग ने जबलपुर समेत नरसिंहपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह और सागर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई है। शनिवार से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले 48 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और सक्रिय हो सकती है। जबलपुर में आज बारिश की संभावना 1 से 4 प्रतिशत ही है, लेकिन 12 जून से 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
वायु गुणवत्ता की बात करें तो आज एक्यूआई 69 दर्ज किया गया है जो मध्यम श्रेणी में आता है, जबकि पीएम 2.5 का स्तर भी 69 है। नमी का स्तर दिन में 19 से 45 प्रतिशत के बीच झूलता रहेगा और शाम 10 बजे के बाद 63 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। हवा का दबाव 1003 hPa के आसपास बना हुआ है।
आने वाले 7 दिनों का पूर्वानुमान बताता है कि 8 से 10 जून तक अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक जा सकता है और 9 से 13 जून के बीच बारिश के आसार हैं। 12 जून को हवा की रफ्तार 19 किमी प्रति घंटे और बारिश की संभावना 50 प्रतिशत रहेगी। स्काईमेट के अनुसार 6 से 11 जून तक हीट वेव का पहला दौर रहेगा, हालांकि पारा 45 डिग्री के पार जाने की आशंका नहीं है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और तमिलनाडु तक फैली ट्रफ लाइन के कारण नमी बढ़ी है। मानसून केरल पहुंच चुका है और मध्य प्रदेश में 15 जून के बाद दस्तक दे सकता है, लेकिन 5 से 7 दिन की देरी संभव है।
विशेषज्ञों ने दोपहर 11 से 3 बजे के बीच धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटाई-मड़ाई का काम जल्द पूरा कर लें क्योंकि अगले सप्ताह बौछारें फसल को प्रभावित कर सकती हैं।

