पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा में CM के सख्त निर्देश: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर MP देश में नंबर-1, बनेगा डॉ. कलाम सिमुलेटरी स्पेस सेंटर; 31 कन्या छात्रावास आदर्श बने, दिल्ली में छात्रवृत्ति 1550 से 10 हजार हुई
साईडलुक, डेस्क। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने साफ कहा कि हितग्राहियों को सिर्फ कागजों पर योजना स्वीकृत कर देना काफी नहीं है। विभाग को बैंक से सब्सिडी और ऋण दिलाने तक हितग्राही का हाथ पकड़कर सहयोग करना होगा। साथ ही छात्रवृत्ति उसी वित्तीय वर्ष में बांटने की समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए।
स्वरोजगार योजनाओं में बैंक तक जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यम व स्वरोजगार योजनाओं में दी जाने वाली सब्सिडी व ऋण सहायता सुलभ व समय पर मिले, इसकी मॉनीटरिंग भी विभाग ही करेगा।
“विभागीय प्रक्रिया पूरी कराना ही काम नहीं है। बैंक से सब्सिडी-ऋण मिलने तक हितग्राही का सहयोग करें। उद्देश्य पात्र को समय पर लाभ देना है, प्रक्रिया में अटकाना नहीं,” – डॉ. यादव ने अफसरों से कहा।
छात्रवृत्ति में देरी पर नाराजगी, तय तारीख का आदेश
CM ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में हो रही देरी पर सख्ती दिखाई। निर्देश दिया कि जिस वर्ष छात्रवृत्ति देय है, उसी वर्ष तय तारीख तक वितरण हो। इसके लिए स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा व अन्य विभागों से बेहतर समन्वय करने को कहा।
वक्फ संपत्तियों पर MP देश में अव्वल
CM ने बताया कि केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों की एंट्री में मध्यप्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी वक्फ संपत्तियों की प्रविष्टि 100% हो और भूमि विवादों का सकारात्मक निराकरण लगातार मॉनीटरिंग कर किया जाए। प्रदेश में 14,800+ वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें से 96% की एंट्री पोर्टल पर हो चुकी है।
प्रदेश को मिलेगा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमुलेटरी स्पेस सेंटर
प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार ने बताया कि केंद्र के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सहयोग से MP में जल्द ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमुलेटरी स्पेस सेंटर बनेगा। इसका मकसद छात्रों में वैज्ञानिक सोच और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है। संचालन में विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग और मैपकास्ट मदद करेंगे।
OBC युवाओं के लिए बड़े फैसले
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना: 20 जिलों में चल रही योजना में 12वीं पास 4000 OBC युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण 30 जून 2026 को पूरा होगा। पिछले साल 3200 युवाओं में से 41% को प्लेसमेंट मिला था।
दिल्ली छात्र गृह योजना: छात्रवृत्ति 1550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये महीना की गई। लाभार्थी संख्या 50 से बढ़ाकर 300 सालाना की गई।
छात्रावासों में मेस सुविधा: प्रदेश के इतिहास में पहली बार OBC छात्रावासों में विभाग मेस सुविधा शुरू कर रहा है। 31 कन्या छात्रावासों को आदर्श छात्रावास बनाया गया है। शेष 24 के लिए 20.50 करोड़ रुपये की जरूरत है।
विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति: अब सिर्फ QS रैंकिंग नहीं, 8 मापदंडों पर मेरिट से चयन होगा। सालाना 100 छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य।
सरदार पटेल कोचिंग योजना: जुलाई-अगस्त 2026 से संभाग स्तर पर 4500 प्रशिक्षणार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जाएगी।
डिजिटल पहल: वर्चुअल वॉयस असिस्टेंट आएगा
विभाग योजनाओं की जानकारी के लिए ‘वर्चुअल वॉयस असिस्टेंस टूल’ बना रहा है। साथ ही ‘MP ऑनलाइन’ के जरिए डिजिटल मार्केटिंग से छात्रों को जागरूक किया जा रहा है। CM ने इसे ‘MP ई-सेवा पोर्टल’ से जोड़ने को कहा, ताकि OBC समेत सभी वर्गों को रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी मिले।
बैठक में कौन रहा मौजूद
बैठक में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, ACS नीरज मंडलोई, ACS मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, आयुक्त सौरभ कुमार सुमन समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

