पति के निधन के बाद 20 हजार के ऋण से खड़ा किया कारोबार, पर्यटन स्थल के पास दुकान बनी परिवार का मजबूत आधार, महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल
साईडलुक, जबलपुर। जिले के बरगी नगर की निवासी शैल पटेल आज ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल बन गई हैं। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर शैल पटेल ने न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार के लिए एक मजबूत सहारा भी खड़ा किया है।
बरगी रिजॉर्ट के समीप संचालित शैल पटेल की चाय-नाश्ते की दुकान आज उनकी आजीविका का मुख्य आधार है। समूह की अध्यक्ष के रूप में सक्रिय शैल पटेल अपनी दुकान पर चाय, नाश्ता, चिप्स, मैगी और पैटीज जैसी सामग्री का विक्रय करती हैं। बरगी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की निकटता और सैलानियों की निरंतर आवाजाही के कारण उनका यह छोटा सा व्यवसाय अब एक सफल उद्यम का रूप ले चुका है।
शैल पटेल बताती हैं कि उनके परिवार में कुल 5 सदस्य हैं और हाल ही में उनके पति के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। ऐसे कठिन समय में आजीविका मिशन की योजनाओं ने उन्हें जो संबल प्रदान किया, उसी के दम पर आज वे सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।
शैल पटेल के व्यवसाय को गति देने में आजीविका मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्हें योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की सहायता राशि ऋण के रूप में प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय की आधारशिला रखी। समूह के माध्यम से मिली इस सहायता से उन्होंने दुकान के लिए आवश्यक सामग्री, बर्तन और उपकरण खरीदे। आज यह दुकान उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र और भरोसेमंद जरिया है।
शैल पटेल का जीवन संघर्ष और सफलता यह संदेश देता है कि यदि इरादे मजबूत हों और सरकारी योजनाओं का सही दिशा में लाभ लिया जाए, तो कोई भी महिला अपनी परिस्थितियों को बदल सकती है। आजीविका मिशन आज हजारों महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर भारत की मुख्य धारा में शामिल कर रहा है।

