बाल भिक्षावृत्ति पर सख्ती के निर्देश, पीएम केयर्स से लेकर फॉस्टर केयर तक योजनाओं की हुई समीक्षा, जरूरत पर लगेगी सेनेटरी पैक वेंडिंग मशीन
साईडलुक, जबलपुर। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले की सभी बाल देखरेख संस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर नज़र रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने बाल देखरेख संस्थाओं में बाल संरक्षण समिति के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी।
इस बैठक में जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सौरभ सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी संजय अब्राहम, उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा आशीष जैन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को देखना होगा कि बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण भी मिले। उन्होंने पात्र बच्चों को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, बाल आशीर्वाद योजना, फॉस्टर केयर और आफ्टर केयर योजना तथा स्पॉन्सरशिप योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पिछले पांच वर्षों के दौरान बच्चों के दत्तक ग्रहण की स्थिति का ब्यौरा भी लिया।
कलेक्टर ने बाल भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा भिक्षावृत्ति करते हुए दोबारा पकड़ा जाता है, तो उनके माता-पिता की जानकारी लेकर उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
उन्होंने बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों का मई माह में किए गए हेल्थ ऑडिट रिपोर्ट पर भी चर्चा की और कहा कि जिन संस्थाओं में आवश्यकता हो वहां सेनेटरी पैक वेंडिंग मशीन लगाई जाए। बैठक में बाल संरक्षण संस्थाओं में निवासरत बच्चों को दी जा रही शैक्षणिक सुविधाओं तथा व्यवसायिक प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी भी दी गई।

