जबलपुर में अब तक 381 निर्माण कार्य पंजीकृत, 30 दिन पहले सूचना देना जरूरी, श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार का सख्त कदम
साईडलुक, जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन द्वारा निर्माण श्रमिकों के कल्याण, निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी और श्रम कानूनों एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत राज्य सरकार ने श्रम सेवा पोर्टल और एम-श्रम सेवा मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों से संबंधित सूचनाओं का एक एकीकृत और मानकीकृत डेटाबेस तैयार करना है।
अब जबलपुर जिले के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं और उनके तहत किए जा रहे सभी निर्माण कार्यों का पंजीकरण म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के अंतर्गत श्रम सेवा पोर्टल के माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
अब तक जबलपुर जिले के अंतर्गत 381 निर्माण कार्यों का पंजीकरण इस पोर्टल के माध्यम से किया जा चुका है। नियमों के अनुसार, किसी भी भवन या अन्य निर्माण कार्य को शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले इसकी सूचना देना और पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यदि कोई नियोक्ता या निर्माण एजेंसी इस नियम का उल्लंघन करती है या पंजीकरण नहीं कराती है, तो उसे 3 महीने तक की जेल, 2 हजार रुपये का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
इस संबंध में जबलपुर संभाग के प्रभारी सहायक श्रम आयुक्त सूर्यकांत सिरवैया ने जिले के सभी नियोक्ताओं और निर्माण एजेंसियों को सूचित किया है कि वे अपने निर्माण कार्यों को श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराएं। इसके साथ ही आम नागरिक भी श्रम सेवा प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका निभा सकते हैं और किसी भी निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी टोल-फ्री दूरभाष क्रमांक 18002338888 पर दे सकते हैं।

