पनागर तहसील में राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा, सीएम हेल्पलाइन और फार्मर आईडी को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
साईडलुक, जबलपुर। पनागर तहसील कार्यालय में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के राजस्व अमले की कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व से जुड़े एक भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और सभी मामलों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी गंभीरता के साथ किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नीता राठौर, एसडीएम अभिषेक सिंह सहित तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पनागर अंचल के सभी पटवारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, न्यायालयीन प्रकरणों के आदेश का पालन, अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन, पीएम किसान सम्मान निधि, ई-केवाईसी और फार्मर आईडी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री सिंह ने सभी पटवारियों से उनके हल्के में लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतें शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं, इसलिए इनका संतुष्टिपूर्ण निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों और पटवारियों को निर्देशित किया कि वे अपने मोबाइल में सीएम हेल्पलाइन ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल रखें ताकि शिकायतों की अद्यतन स्थिति और निराकरण की जानकारी लगातार मिलती रहे।
फार्मर आईडी को लेकर कलेक्टर ने कहा कि यह किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इससे ई-विकास पोर्टल सहित अन्य कई तकनीकी समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाता है और किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ सीधे मिल पाता है, इसलिए जिले के प्रत्येक पात्र किसान की फार्मर आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाई जाए। पीएम किसान सम्मान निधि के लंबित ई-केवाईसी के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पटवारी अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहें और वसूली में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें। साथ ही न्यायालयीन प्रकरणों, नामांतरण और बंटवारे जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
अवैध खनन और परिवहन के मुद्दे पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल एसडीएम और तहसीलदार को सूचित किया जाए ताकि समय रहते कठोर वैधानिक कार्यवाही की जा सके।
बैठक के अंत में अपर कलेक्टर श्रीमती नीता राठौर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगली समीक्षा बैठक के पूर्व सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कर लिया जाए, ताकि आम जनता को राजस्व कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

