एसडीएम टोकन से ही होगा खाद का वितरण, पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में नहीं मिली कोई गड़बड़ी, कलेक्टर के निर्देश पर चल रहा है जनविश्वास अभियान
साईडलुक, जबलपुर। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। किसानों को समय पर और सही दाम पर खाद उपलब्ध कराने के मकसद से शुक्रवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की टीम ने पाटन विकासखंड की ग्राम पंचायत उड़ना सड़क में स्थित कृषि आदान विक्रेता दुकानों पर अचानक छापा मारा। इस औचक निरीक्षण से खाद विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही। अधिकारियों ने दुकानों में रखे खाद के बोरे गिनकर पीओएस मशीन के आंकड़ों से मिलान किया, जिसमें पूरी पारदर्शिता पाई गई।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह संयुक्त कार्रवाई अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी, तहसीलदार सच्चिदानंद त्रिपाठी और उर्वरक निरीक्षक पंकज कुमार श्रीवास्तव की टीम ने की। टीम ने बारी-बारी से आज्ञा कृषि केंद्र, श्री जगदंबा कृषि केंद्र और जय माता एग्रो का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस, प्रिंसिपल सर्टिफिकेट, स्टॉक पंजी, बिल बुक और दैनिक बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की गई। सभी प्रतिष्ठानों के दस्तावेज वैध और अपडेट पाए गए।
जांच के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने विक्रेताओं को दो टूक शब्दों में हिदायत दी कि शासन द्वारा तय की गई टोकन व्यवस्था का सख्ती से पालन किया जाए। एसडीएम कार्यालय से जारी टोकन के बिना किसी भी किसान को एक बोरी भी खाद न दी जाए। साथ ही किसान से प्राप्त टोकन को दुकान संचालक अपने पास सुरक्षित रखें, ताकि सत्यापन के समय उसे प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी दुकान पर ओवर रेटिंग, टैगिंग या जबरन अन्य सामग्री देने की शिकायत मिली तो तत्काल एफआईआर और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई होगी।
वहीं डॉ. त्रिपाठी ने किसानों से भी अपील की है कि वे संतुलित उर्वरकों का ही प्रयोग करें। सिर्फ यूरिया पर निर्भर न रहें, बल्कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर एनपीके और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि बीज, खाद और दवाइयां हमेशा अधिकृत विक्रेता से ही लें और पक्का बिल जरूर लें। अगर कोई विक्रेता बिल देने से इनकार करे या अवैध रूप से खाद का भंडारण और री-पैकिंग करे तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग के कंट्रोल रूम को दें, जिससे दोषी के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जा सके।

