प्रशासनिक निगरानी के अभाव में
पुस्तकों के सेट महंगे दामों पर बिकने का दावा
पाठकों और अभिभावकों में नाराजगी
साईडलुक, जबलपुर। शहर में आयोजित पुस्तक मेले को लेकर सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक अजय बिश्नोई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्तमान कलेक्टर की मेले से दूरी ने पुस्तक विक्रेताओं के हौसले बुलंद कर दिए, जिसके चलते पुस्तकों के सेट निर्धारित कीमतों से कहीं अधिक दामों पर बेचे गए।
विधायक बिश्नोई ने कहा कि पुस्तक मेला ज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा देने का माध्यम होता है, लेकिन इस बार यह आम जनता के लिए आर्थिक बोझ बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में कई विक्रेताओं ने मनमाने दाम वसूले, जिससे खासकर अभिभावकों और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि मेले में मिलने वाले पुस्तक सेट बाजार से भी अधिक कीमत पर बेचे गए, जबकि ऐसे आयोजनों में आमतौर पर छूट की उम्मीद की जाती है।
विधायक ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषी विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता को राहत मिल सके।
हालांकि, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन या कलेक्टर की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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