जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर रविशंकर राय, शैलेंद्र सिंह और एसडीएम पंकज मिश्रा व मोनिका बाघमारे रहे मौजूद, कलेक्टर ने फाइलों के व्यवस्थित संधारण के दिए निर्देश
साईडलुक, जबलपुर। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित नजूल रिकॉर्ड शाखा का सघन अवलोकन किया। दोपहर में अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान शाखा में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। कलेक्टर ने शाखा में संधारित नजूल भूमि से संबंधित अभिलेखों, पुराने नक्शों, खसरा और नजूल पट्टों की फाइलों का बारीकी से जायजा लिया और व्यवस्थाओं को और अधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अवलोकन के दौरान कलेक्टर ने रिकॉर्ड रूम में रखी फाइलों की स्थिति देखी और पूछा कि कितने अभिलेखों का डिजिटलीकरण हो चुका है और कितने अभी लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नजूल शाखा राजस्व प्रशासन की अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है, जहां शहर की बेशकीमती शासकीय भूमियों का पूरा लेखा-जोखा रहता है। ऐसे में एक भी फाइल की गुमशुदगी या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अलमारियों में रखे रिकॉर्ड को क्रमवार और इंडेक्स के साथ संधारित करने तथा दीमक और सीलन से बचाव के लिए नियमित रूप से संरक्षण करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर रविशंकर राय, अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह, एसडीएम पंकज मिश्रा एवं एसडीएम मोनिका बाघमारे भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों के साथ शाखा के कामकाज की समीक्षा की और आम नागरिकों के नजूल से संबंधित आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के लिए भी कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि नजूल एनओसी और लीज नवीनीकरण के प्रकरणों में अनावश्यक विलंब न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए।

