साईडलुक, जबलपुर। जिले में मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना शीघ्र होना चाहिए क्योंकि जबलपुर मध्य भारत एवं पूर्वी मध्य प्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है तथा भारत का केंद्र बिंदु भी है जहां से चारों दिशाओं में औद्योगिक एवं व्यापारिक उत्पादों का संग्रहण एवं परिवहन सुगम तरीके से हो सकता है।
एक जानकारी में फेडरेशन आफ मध्य प्रदेश चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष एवं जबलपुर संघर्ष समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने बताया की केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जबलपुर में एमएमएलपी यानी मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया था, जिसे नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा निर्मित किया जाना था।
लेकिन दुर्भाग्यवश भारत में उक्त पार्क के लिए चयनित 35 शहरों में जबलपुर का कहीं भी जिक्र नहीं है। इस हेतु नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जबलपुर कार्यालय ने कुछ माह पूर्व उक्त प्रोजेक्ट को लेकर एक प्रस्तुतिकरण दिया था। जिसके तहत ग्राम खैरी शहपुरा जबलपुर में रिंग रोड से लगी हुई भूमि पर एमएमएलपी का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था। इस आशय के प्रस्ताव से जबलपुर के उद्योग व्यापार जगत में उत्साह का संचार हुआ।
जबलपुर की पुनः उपेक्षा वर्तमान परिदृश्य में मध्य प्रदेश में सिर्फ भोपाल एवं इंदौर शहरों का चयन इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हेतु किया गया है जबकि जबलपुर इससे अछूता है। केंद्रीय मंत्री ने जबलपुर को उक्त प्रोजेक्ट हेतु उपयुक्त माना है किंतु राज्य शासन ने जबलपुर के बजाय इंदौर व भोपाल को तरजीह दी।
अनेकों क्षेत्रों के लिए उपयोगी चेंबर के कार्यकारिणी सदस्य बलदीप मैनी, अरुण पवार, राजीव अग्रवाल, अशोक कपूर ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, वनोपज, रक्षा उत्पादन एवं अन्य औद्योगिक उत्पादन के संग्रहण एवं परिवहन के लिए मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क बेहद उपयोगी सिद्ध होगा तथा इस बहुउद्देशीय प्रोजेक्ट की स्थापना शीघ्र होना चाहिए।
जबलपुर की मांग पूर्ण हो जबलपुर संघर्ष समिति के मनु शरत तिवारी, हिमांशु राय, सुनील श्रीवास्तव, इंद्र कुमार खन्ना, प्रीति चौधरी, मुनींद्र मिश्रा, अनुराग जैन आदि ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि वे आगामी 23 अगस्त को अपने नगरागमन के अवसर पर जबलपुर में मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क को घोषित कर जनभावनाओं का सम्मान करें।

