साईडलुक, डेस्क। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम पूरे देश में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के सबसे कमजोर वर्ग को बुनियादी स्तर की सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में पारदर्शिता के साथ तेजी से क्रियान्वयन करने के लिए नवीन उपायों एवं डिजिटल प्रणालियों को अपनाया गया है।
एनएसएपी योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार, योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्राप्त मौजूदा लाभार्थियों का वार्षिक सत्यापन आवश्यक है। वर्तमान में एनएसएपी लाभार्थियों का सत्यापन राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा अपनी प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है एनएसएपी की सभी पेंशन योजनाऐं जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजनाओं के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुऐ सत्यापन प्रकिया में सबंधित राज्य सरकारों व संघ राज्य क्षेत्रों के स्थानीय निकायों द्वारा महत्तवपूर्ण समय और प्रयास लगाया जाता है।
इसके अंतर्गत कार्यान्वयन एजेंसियों पर भौतिक सत्यापन की प्रकिया का सरलीकरण कर लाभार्थियों के त्वरित सत्यापन की सुविधा के लिए एक केन्द्रीयकृत डिजिटल समाधान लाना आवश्यक समझा गया।
इस संबंध में भारत सरकार डिजिटल जीवन प्रमाणन एप्लीकेशन लॉन्च किया है। जिसमें एनएसएपी पेंशन हितग्राही के आधार डेटा एनएसएपी पोर्टल के डेटाबेस में दर्ज है। उन हितग्राहियों को डिजिटल जीवन प्रमाणन मोबाईल एप्प के माध्यम से सत्यापित किया जाना है। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र एक वर्ष के लिऐ वैद्य है और उसके बाद प्रत्येक वर्ष डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सत्यापन कराना आवश्यक है।
ऐसे हितग्राहियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणन 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर सत्यापन पूर्ण कराने के निर्देश हैं। साथ ही कहा गया कि डिजिटल जीवन प्रमाणन एप्लीकेशन अंतर्गत अपनाई जाने वाली प्रकिया के बारे में किसी अन्य स्पष्ट्रीकरण एवं अन्य तकनीकी समस्या हेतु एनआईसी-डीओआरडी से ईमेल m s-nsap@nic.in के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

