पूर्व उप मंत्री हिदेकी माकिहारा ने देरी के लिए भारत को बताया जिम्मेदार, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा तो विदेश मंत्रालय ने दिया करारा जवाब, कहा परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और पहला चरण 2027 में होगा शुरू
साईडलुक, डेस्क। देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जापान के एक पूर्व मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। जापान के पूर्व उप अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना में हो रही देरी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है।
जानकारी के अनुसार हिदेकी माकिहारा अपने कार्यकाल के दौरान इस रेल परियोजना से सीधे जुड़े रहे हैं। उन्होंने 15 जुलाई को सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़ी बैठकों और वार्ताओं में भारतीय पक्ष की लापरवाह कार्यशैली साफ तौर पर दिखाई दी और भारत ने अपने किए हुए वादे पूरे नहीं किए। उनके इस बयान को भारत की विपक्षी पार्टियों ने तुरंत लपक लिया।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के मीडिया पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन पवन खेड़ा ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बुनियादी ढांचा साझेदारियों में से एक को इतनी खराब तरीके से संभाला गया कि अब सरकार की अक्षमता की आलोचना विदेशी अधिकारी भी करने लगे हैं।
विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब, कहा तथ्यों से अलग है बयान
पूरे मामले पर भारत सरकार ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में स्थिति स्पष्ट की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब माकिहारा के आरोपों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह एक व्यक्ति की राय है और तथ्यों से काफी अलग है।
जायसवाल ने कहा कि भारत और जापान के बीच मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना को लेकर सहयोग बेहतर ढंग से और सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है और योजना के अनुसार इसका पहला चरण 2027 में शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि जापान परियोजना के लिए ई20 ट्रेन सीरीज केवल 2030 के शुरुआती वर्षों में ही उपलब्ध करा सकेगा क्योंकि यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है, इसलिए दोनों पक्षों ने भारतीय हाई स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति बनाई है।

