पंद्रह दिन में 10 रुपये तक बढ़े दाम, थोक मंडी में भी 50 रुपये के पार पहुंचा भाव, त्योहारों से पहले महंगाई ने बिगाड़ा बजट
साईडलुक, जबलपुर। शहर में रोजमर्रा की जरूरत की सबसे अहम चीज शक्कर के दाम आसमान छूने लगे हैं। पिछले दो सप्ताह के भीतर शक्कर की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है और अब स्थिति यह है कि खुदरा बाजार में शक्कर 55 रुपये से लेकर 65 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। अचानक हुई इस मूल्य वृद्धि ने आम आदमी के किचन का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है और गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है।
शहर के गंजीपुरा, सदर, गढ़ा और मढ़ाताल के किराना बाजारों में शक्कर के अलग भाव देखने को मिल रहे हैं। जो सामान्य मोटी शक्कर पहले 42 से 45 रुपये किलो बिक रही थी वह अब 55 से 58 रुपये किलो बिक रही है। वहीं बारीक, साफ और ब्रांडेड शक्कर के दाम तो 62 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि थोक मंडी में ही शक्कर 50 से 52 रुपये किलो मिल रही है इसलिए उन्हें मजबूरन महंगी दरों पर बेचना पड़ रहा है। थोक कारोबारियों के अनुसार मिलों से ही शक्कर महंगी आ रही है और पिछले पंद्रह दिनों में थोक भाव में ही करीब 8 से 10 रुपये का उछाल आया है।
व्यापारियों का कहना है कि गन्ने की कम आवक, चीनी मिलों में स्टॉक की कमी और डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण शक्कर के भाव में आग लगी है। इसके साथ ही रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और गणेश उत्सव जैसे त्योहार नजदीक होने के कारण मांग में भी तेजी आई है जिसका फायदा उठाते हुए बड़े जमाखोर बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा कर रहे हैं।
शक्कर के 65 रुपये किलो तक पहुंचने का सीधा असर आम रसोई पर पड़ रहा है। गृहणियों का कहना है कि तेल, दाल और सब्जी के बाद अब शक्कर ने भी रसोई से मिठास छीन ली है। चाय, नाश्ते की दुकान और मिठाई बनाने वाले छोटे कारोबारियों की लागत भी बढ़ गई है। कई चाय दुकानदारों ने तो चाय की मात्रा कम कर दी है। आम लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बाजार में जांच अभियान चलाया जाए और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

