बरसात में बढ़ा मलेरिया, डेंगू और जलजनित बीमारियों का खतरा, सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने अधिकारियों की बैठक में की समीक्षा, नागरिकों से की स्वच्छता बनाए रखने की अपील
साईडलुक, जबलपुर। बरसात के मौसम में दूषित पानी और गंदगी के कारण फैलने वाली मौसमी और संक्रामक बीमारियों को लेकर जबलपुर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में मलेरिया, डेंगू, उल्टी-दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया और टायफाइड जैसी जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने जिला स्तर पर एक विशेष रैपिड एक्शन टीम का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व खुद सीएमएचओ डॉ. कोठारी करेंगे और जिले भर में बीमारियों की रोकथाम के लिए बनाई गई सूक्ष्म कार्ययोजना पर काम किया जाएगा।
गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय में स्वास्थ्य अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें जिले में मौसमी बीमारियों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में डॉ. कोठारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और फील्ड में सक्रियता बढ़ाई जाए। बैठक में जिला नोडल पैथोलॉजी डॉ. अमिता जैन, डॉ. के के वर्मा, जिला नोडल एनसीडी डॉ. सारिका दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. ब्रजेश पटेल, एपीडिमियोलॉजिस्ट अनिल सिंह, शहरी क्षेत्र नोडल डॉ. अमजद खान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उपेंद्र कुशवाहा के साथ विजय पांडेय, योगेंद्र सिंह और संदीप नामदेव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
नागरिकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि अपने घर की छत पर, गमलों में या कूलर में कहीं भी अनावश्यक पानी एकत्रित न होने दें जिससे मलेरिया के लार्वा पनप सकें। उन्होंने कहा कि खाने-पीने के लिए हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पानी का ही उपयोग करें और भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोएं।
डॉ. कोठारी ने कहा कि हमेशा ताजा बने हुए भोजन और खाद्य सामग्री का ही सेवन करें। अधिक समय तक रखा हुआ भोजन और बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। भोजन और अन्य खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखें ताकि उन्हें मक्खियों और धूल से दूषित होने से बचाया जा सके। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि पीने के पानी के लिए सुरक्षित पेयजल स्रोत का ही उपयोग करें। यदि पानी के दूषित होने की संभावना हो तो पानी को उबालकर अथवा क्लोरीन की गोली का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर उसे सुरक्षित बनाएं।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि गंदे, सड़े-गले और कटे-फटे फलों तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें। सब्जियों और फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद ही उपयोग में लाएं। घर और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखें और शौचालय को साफ रखें। बरसात के दौरान स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल का विशेष ध्यान रखें। यदि किसी को भी उल्टी-दस्त, बुखार, पीलिया अथवा अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श और उपचार लें।

