स्मार्ट मीटर में बिजली के साथ लीक हो रहा है आपका लोकेशन डेटा?
साईडलुक, जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से एक चौकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जब कांग्रेस कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर का के विरोध करने बिजली विभाग पहुचकर एक आरोप के साथ सनसनी फैला दी। कांग्रेसजनों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम कराने वाली कम्पनी के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं, और पाकिस्तान जब चाहे बिजली ग्रिड पर साइबर हमले भी कर सकता है। जिसके विरोध में कुछ दस्तावेज़ भी साथ लेकर आये थे, और इस सम्बंध में ज्ञापन सौंपकर मामले में जॉंच कराने की मांग की।
कांग्रेसजनों का आरोप है कि गलियों और मोहल्लों में इन दिनों एक ख़तरा घर-घर पहुँच रहा है, नाम है स्मार्ट मीटर। और सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह मीटर लगाने का काम इस समय सऊदी अरब की ‘अल्फानार’ कंपनी कर रही है। इस कंपनी से जुड़े पाकिस्तान मूल के अधिकारी और तुर्की से उसके आर्थिक रिश्ते, हमारे लिए एक चेतावनी की तरह हैं। तुर्की, जो पाकिस्तान का खुला समर्थक रहा है, उसकी छाया अब हमारे घरों की दीवारों तक पहुँच रही है।
पड़ सकता है संचार और रक्षा तंत्र पर असर
ये मीटर सिर्फ बिजली की गणना का काम नहीं करते। ये आपके घर की लोकेशन, बिजली खपत का पूरा हिसाब और वह जानकारी भी दर्ज करते हैं, जिसे अगर गलत हाथों में दे दिया जाए, तो किसी भी समय आपके मोहल्ले की बत्ती गुल हो सकती है। अस्पताल अंधेरे में डूब सकते हैं, फैक्ट्रियां ठप हो सकती हैं, संचार और रक्षा तंत्र पर असर पड़ सकता है।
दुश्मन के पास बिजली का नियंत्रण
दुनिया के कई देशों में बिजली ग्रिड पर साइबर हमले हुए हैं। भारत भी इससे बचा नहीं है। “ऑपरेशन सिंदूर” के समय हमारे बिजली तंत्र पर हमला हुआ था, जो समय रहते रोका गया। सोचिए, अगर अगली बार हमला हो और दुश्मन के पास पहले से ही हमारे घर-घर का लोकेशन डेटा और बिजली का नियंत्रण हो, तो यह सिर्फ अंधेरा नहीं, बल्कि तबाही होगी।
घर की चौखट व देश की सुरक्षा पर सवाल
यह सिर्फ बिजली का मुद्दा नहीं है, यह हमारे घर की चौखट और देश की सरहद, दोनों की सुरक्षा का सवाल है। अगर आपके घर या दुकान में स्मार्ट मीटर लगा है और आप अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो आज ही बिजली विभाग में जाकर इसे हटाने की मांग करें।

