साईडलुक, जबलपुर। मध्य प्रदेश वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक बड़ी कामयाबी में, जबलपुर की एक अदालत ने दो शिकारियों को दोषी ठहराते हुए 2-2 साल की सश्रम कारावास और 2000-2000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
दिनांक 12 फरवरी 2018 को वनरक्षक को सूचना मिली कि दो व्यक्तियों ने सिकमी पर लिए गए खेत में एक वन्य प्राणी का शिकार किया है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने बारकिंग डियर (एक प्रकार का हिरण) का शिकार किया था।
जिला न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शुभांगी पालो दत्त जबलपुर ने आरोपियों कैलाश यादव और जगत गौड को वन अपराध पीओआर क्रं. 25/24/12.02.2018 व आपराधिक प्रकरण क्रमांक 5174/18 अंतर्गत धारा 39/51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।
उप-संचालक (अभियोजन) विजय कुमार उईके और प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी स्मृतिलता बरकड़े के मार्गदर्शन में अभय मिश्रा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने इस मामले में पैरवी की।
वन्यजीव संरक्षण के लिए इस फैसले को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला वन्यजीवों के शिकार पर रोक लगाने और उनके संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

