जबलपुर (नवनीत दुबे)। वर्तमान परिवेश में सनातन संस्कृति, और आराध्य देवी देवताओं का अपमान और अश्लील टिप्पड़ी करना कुछ विधर्मियो के लिए आत्मीय शांति का विषय बन चुकी है और इसी की बानगी है, के मुट्ठी भर सनातन विरोधी लकड़बघे अपनी मानसिक कुंठा को अभिव्यक्त कर अलगाव ओर वैमनस्यता की आग लगाने का प्रयास करते है ?
मुद्दे की बात पर आते है बीते दिन संस्कारधानी के जॉय स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन द्वारा प्रभु श्री राम को लेकर अशोभनीय टिप्पड़ी की गई और टिप्पड़ी भी अपने व्हाटसप के स्टेटस पर लगाई गई, जिसको लेकर भूचाल आ गया हिंदूवादी संगठनो के साथ ही हर सनातनी में मन मे आक्रोश भर गया।
हालांकि मेबन द्वारा की गई टिप्पड़ी के फलस्वरूप सनातनी हिंदुओ ने मिशनरी सोच के पोषक अखिलेश मेबन के घर पहुच कर अपनी सह्रदयता ओर श्री राम के प्रति अटूट आस्था का ससम्मान परिचय दिया जिसके चलते मेबन को लुका छुपी के खेल का सहारा लेना पड़ा।
हास्यदपड कहे या विडंबना के मेबन द्वारा अपने बचाव में जो तर्क दिया गया की उसका मोबाइल हैंग हो गया था, वह जनमानस को हजम नही हो रहा हालांकि जॉय स्कूल की हिटलर शाही किसी से छुपी नही है अभिभावक से लेकर स्कूल स्टाफ तक अखिलेश मेबन की अकड़ का शिकार बनकर अपमान के घूंट पीने विवश रहता है।
इससे पूर्व भी मेबन द्वारा ऐसे कई कारनामे किये गए है जो चर्चा का विषय बने है,इस सारे तारतम्य में एक बात गौर करने वाली है कि आखिर इतने अभद्र व्यवहार ,हिटलर के अनुयायी ,ओर हिंदुत्व विरोधी चर्चमानसिकता के पोषक अखलेश मेबन के पीछे किस सियासी आका की कृपादृष्टि है,जो इतने विवादों के बाद भी अपनी हठधर्मिता को बेखोफ होकर अभिव्यक्त करने में सहज है?
चर्चा तो ये भी है के सत्ताधारी भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं से मेबन के मधुर संबंध है और धनबल के दम पर हर विवाद और हर प्रकरण को बड़ी आसानी से दबा दिया जाता है ?सूत्रों की माने तो जॉय स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन द्वारा प्रभु श्री राम और सनातनियो पर की गई मर्यादित अशोभनीय टिप्पड़ी से फिलहाल माहौल तो गरमा गया है और थाना विजय नगर में एक आई आर भी दर्ज हो गई है और कहा जा रहा है मेबन जो ढूढे नही मिल रहे पुलिस जोरो से तलाश कर रही है, अब हकीकत कय्या है ये तो श्रीराम ही जाने, कही सियासी रसूख ओर धनबल का वजन जिम्मेदारों के हाथ बांध कर रखे है या फिर सनातनियो का भय मेबन जी को गुप्तवास में ले गया है ?
अंततः ये उल्लेख आवश्यक है के जिस प्रभु श्री राम के नाम पर हुंकार भरने वाले हर सनातनी विशेषतः कुछ स्थानीय भाजपाई नेता मेबन जी की चाटुकारिता को दरकिनार कर सनातन की प्रतिष्ठा और प्रभु श्री राम की खतिर ऐसे सनातन विरोधियों के विरोध में खुलकर सामने आए और कठोर कार्यवाही के लिए आवाज बुलंद करें ?

