पोर्टल में लग रहे फर्जी बिल और हो रहे है भुगतान…
सरकारी पोर्टल में खुलके किया जा रहा भ्रष्टाचार….
जनपद सीईओ निखलेश कटारे ने कहा : लापरवाही बरतने वालो को बख्शा नहीं जाएगा…
डिंडौरी,रामसहाय मर्दन| आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी में आज भ्रष्टाचार और गबन चरम सीमा में पहुँच चुका है। वही जिन्हें भ्रष्टाचार रोकने की जवाबदारी दी गई है,वह भी पैसो की चमक के आगे नतमस्तक हो चुके है। जिसे देखकर लगता है कि जिम्मेदारों के द्वारा भ्रष्टाचार गबन करने की आजादी दे दी गई है। एक ओर प्रदेश की सरकार चाह रही है कि सब कुछ पारदर्शिता हो,जो हो रहा वह ऑनलाईन और पोर्टल के जरिये सब देख सके कि क्या कार्य हुए, कितना कार्य हुआ,बिल किसका लगा, कौन सही या गलत, सब दिखाई पड़े की सही गलत क्या हैं, लेकिन सरपंच,सचिव के द्वारा धुंधले बिलों को पोर्टल में लगाकर फर्जी बिलों का भुगतान करा रहे है।
ये रहा पूरा मामला….
दरअसल ताजा मामला जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत जुनवानी का है,जहां सरपंच-सचिव के द्वारा सरकारी पोर्टल की पारदर्शिता को पलीता लगाया जा रहा है। जहां 05 वें वित्त की राशि में सरपंच,सचिव के द्वारा मनमाने ढंग से भुगतान किया जा रहा है। पारदर्शिता की मंशा से बनाया गया सरकारी पोर्टल में खुलके भ्रष्टाचार किया जा रहा है, फर्जी बिल लगा रहे है। ऐसे-ऐसे बिल लग रहे है कि सीमेंट के दुकान से स्टेशनरी खरीदी जा रही है और किराना दुकान से रेत लोहा खरीदने के बिल पोर्टल में लग रहे और भुगतान हो रहे, आज कोई इन बिलों की रेख-देख नहीं की जा रही और इन फर्जी बिलों से बेजा फर्जी भुगतान लिया जा रहा है कुछ बिल ऐसा भी है जो पोर्टल में बिल लगे है वह पढने भी नहीं जा सकते है। धुंधले बिलों ,बिना जीएसटी नंबर के जरिए लाखों रू का फर्जी भुगतान किया जा रहा है। बता दें कि ग्राम पंचायत जुनवानी के सचिव गजरूप सिहं मरावी और सरपंच लखन सिहं सरोते के द्वारा पंचायत दर्पण में लगाए गए बिल धुंधला, जिसे दूरबीन लगाकर भी नहीं पढ़ा जा सकता है।
आखिर धुंधला बिल क्यों लगाया जा रहा है? ये समझ से परे है। कहीं फर्जी बिल लगाकर भुगतान तो नहीं किया जा रहा है। बता दें कि सरपंच-सचिव के विगत दिनांक 17/07/2024 को अनुराग मटेरियल सप्लायर को भुगतान किया गया है पोर्टल में फीड किए गए बिल पूरी तरह धुंधला है, जिसे देखकर कहना गलत नहीं होगा कि ग्राम पंचायत जुनवानी के सरपंच,सचिव के द्वारा सरकारी पोर्टल के पारदर्शिता की धज्जियां उडा़ते हुए धुंधले, बिना जीएसटी और फर्जी बिलों के जरिए लाखों रू. का हेराफेरी कर बंदरबाट किया जा रहा है। मजे की बात यह है कि ग्राम पंचायत के पोर्टल में सरपंच- सचिव के द्वारा किए गए अनुराग मटेरियल सप्लायर फर्म के भुगतान में सरपंच लखन सिहं सरोते का हस्तक्षार है तो वहीं वर्तमान सचिव गजरूप सिहं मरावी के हस्तक्षार की जगह वर्ष 2021 में रहे पूर्व जगदीश सिहं धुर्वे का हस्तक्षार दिख रहा है। अखिर यह माजरा क्या है,जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
इनका कहना है
वर्ष 2010 के भुगतान के लिए मेरे द्वारा नहीं कहा गया है, लेखा शाखा से मामले की जल्द ही पूरी जांच कराई जाएगी, जो भी निर्णय होगा तत्काल कार्रवाई की जाएगी, इस तरह लापरवाही बरतने वालो को बख्शा नहीं जाएगा।
निखलेश कटारे, जनपद सीईओ डिंडौरी।
वर्ष 2010 में रामकुमार अहिरवार के द्वारा ग्राम में पेयजल पंहुचाया गया था, जिसका भुगतान अभी 2024 में जनपद सीईओ के सहमति से किया गया है।
लखन सिहं सरोते,सरपंच ग्राम पंचायत जुनवानी
ग्राम खुरपार में ग्रामीणों के लिए पीने की पानी पंहुचाया गया है,जिसका भुगतान किया गया है।
गजरूप सिहं मरावी, सचिव ग्राम पंचायत जुनवानी।



