साईडलुक डेस्क। भ्रामक विज्ञापन से जुड़े मामले में पतंजलि आयुर्वेद ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बिना शर्त माफी मांगी है। पतंजलि आयुर्वेद के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि उन्हें कंपनी के ”अपमानजनक वाक्यों” वाले विज्ञापन पर खेद है। इसके साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे विज्ञापन भविष्य में जारी ना हों।

दरअसल अवमानना नोटिस का जवाब नहीं देने पर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण दोनों को 2 अप्रैल को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था।

19 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच सुनवाई कर रही थी। मामला बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के खिलाफ बीमारियों के इलाज के दावे और भ्रामक विज्ञापन से जुड़ा था। पतंजलि की तरफ से सीनियर वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए।

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