बिना कार्य कराए ही फर्जी मस्टर रोल जारी कर 170560 रू.राशि अहरण…
जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडरूखी का मामला…
डिण्डौरी,रामसहाय मर्दन| इन दिनों जिले के समनापुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम पर है। बात दे कि यहां आए दिन सरपंच—सचिवों के काले कारनामे प्रकाश में आते रहते है कही फर्जी मस्टर रोल, तो कही बगैर कार्य कराए राशि निकलना या फिर पुराने कार्य को ही नया दिखाकर राशि आहरण करना हो ये आम बात हो गई। मुद्दे की बात यह है कि इन भ्रष्टाचारियों पर जिम्मेदार अधिकारी निकेल नहीं कस पा रहे है जिससे इनके बुलंदियां छू रही है।
ये रहा पूरा मामला…
दरअसल ऐसा ही मामला जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडरूखी सामने आया है जहां सरपंच,सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा शासकीय कर्मचारी को नियम विरूद्ध शासकीय योजना का लाभ दिलाने के आरोप लग रहे है। बता दें कि विगत दिनों शिकायतकर्ता शिखरचंद ने मुख्यकार्यपालन अधिकारी समनापुर और जनसुवाई में कलेक्टर से लिखित शिकायत करते हुए शासकीय शिक्षिका को शासन की योजना का लाभ देने की शिकायत करते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरपंच और सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा शिक्षिका सोहागा मरकाम पति सिहारे सिहारे मरकाम निवासी रसोई जो लगभग 20-25 वर्षो से शिक्षक के पद पर है , लेकिन सरपंच और सचिव द्वारा सोहागा मरकाम के नाम से मनरेगा योजना के तहत जॉब कार्ड जारी कर खेत तालाब स्वीकृत कराया गया है। जिसकी लगात राशि 2 लाख 88 हजार रूपये बतलायी गई है। साथ ही खेत तालाब का निर्माण नहीं कराया गया और बिना कार्य कराए ग्राम बुडरूखी के लोगो के नाम से मस्टर रोल जारी कर राशि आहरण कर ली गई है।
जिनके नाम मस्टर रोल में दर्ज, उन्हें काम नहीं जानकारी..
शिकायतकर्ता का आरोप कि जिन लोगो का नाम मस्टर रोल में दर्ज किया गया है। उन हितग्राही के खेत की जानकारी ही नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मनरेगा के तहत किसी भी शासकीय कर्मचारी का जाॅव कार्ड जारी नहीं किया जा सकता है पंचायत राज अधिनियम के तहत शासकीय कर्मचारी को लाभ देने का प्रावधान भी नही है , लेकिन ग्राम पंचायत बुडरूखी के सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा विधि विरूद्ध तरीके से शासकीय कर्मचारी के नाम जाॅव कार्ड जारी कर शासन से अनुचित लाभ दिलाने का कृत्य किया गया है। जिसका उच्च स्तरीय जांच कर कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इन कहना है”
मैंने अपने पैसों से खेत बनवाया है, मैं ग्राम पंचायत में खेत तालाब योजना के लिए आवेदन नहीं की हूं । और जो ग्राम पंचायत के द्वारा मेरे खेत में काम करवाया गया वह मेरे बैगर सहमति के 3—4 घंटा जेसीबी मशीन से कराया गया है।
सुहागा मरकाम ,शिक्षिका ग्राम रसोई।
उक्त मामले में जांच गठित कर दी गई है आज टीम जांच करने जा रहे शाम तक जांच रिपोर्ट आ जाएगा।
सीपी साकेत, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर।



