डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। शासकीय शिक्षक संगठन ने जिले में चल रही शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन के जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनजातीय कार्य विभाग पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ई-हआरएमएस पोर्टल पर आवेदन करने वाले अनेक शिक्षकों को अब तक कोई स्थानांतरण आदेश नहीं मिला है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं। वहीं प्रशासनिक आधार पर किए गए स्थानांतरणों में भी भारी पक्षपात किया गया है। गर्ग ने आरोप लगाया कि अति शेष शिक्षकों की गलत सूची बनाकर उनसे जबरन विकल्प पत्र भरवाया गया और फिर उन्हें प्रशासनिक स्थानांतरण के नाम पर दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजा गया। महिला शिक्षकों के साथ भी अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पति-पत्नी समायोजन, विधवा, बीमार एवं अपने ब्लॉक में अच्छा कार्य कर रहे शिक्षकों को भी दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, जो न केवल अमानवीय है, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता को भी प्रभावित करेगा। शिक्षक संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए तथा स्वैच्छिक स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना शीघ्र की जाए, क्योंकि स्थानांतरण की समयसीमा समाप्त हो चुकी है।



