शिक्षा सुधार और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कर रहे थे अनशन, तबीयत बिगड़ने के बाद लिया गया हिरासत में, समर्थकों में चिंता
साईडलुक, डेस्क। जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को पुलिस उठाकर ले गई है। लगातार अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कर दिया है।
सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन 20 जून से जारी था और 28 जून से सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन अनशन पर थे।
पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार लंबे समय तक उपवास के कारण उनका वजन कम हुआ है और शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ गई है। इसी को देखते हुए सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया है।
घटना के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों और छात्र संगठनों में चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहले ही उनसे अनशन समाप्त करने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की थी।
फिलहाल सोनम वांगचुक राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

