“नामांकन में कमी पर सख्त, जर्जर भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं”
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने शिक्षा विभाग की बैठक में लगाई क्लास
साईडलुक, जबलपुर। जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने गुरुवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। उन्होंने सभी स्कूलों में दर्ज बच्चों की मैपिंग का कार्य मात्र तीन दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए। यह कार्य नामांकन में कमी को दूर करने और ड्रॉपआउट रोकने की दृष्टि से प्राथमिकता पर किया जाएगा।
कलेक्टर ने विशेष रूप से कक्षा 1, 6, 9 और 11 में घटते नामांकन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन कक्षाओं में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए और स्कूलों में पंजीकृत सभी बच्चों का भौतिक सत्यापन किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक जिला परियोजना समन्वयक और प्रोग्रामर मौजूद रहे।
शिक्षकों पर शिकंजा:
कलेक्टर ने कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
जर्जर भवनों पर सख्ती:
कलेक्टर ने सभी जर्जर और क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों का तुरंत चिन्हांकन करने का आदेश दिया। किसी भी हालत में ऐसे भवनों में कक्षाएं नहीं लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि भवनों के निर्माण और मरम्मत के कार्य समय सीमा में पूरे किए जाएं।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर:
कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर कक्षा में पर्याप्त रोशनी, पेयजल की उचित व्यवस्था और शौचालय क्रियाशील हों। इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में किसी भी स्कूल को लापरवाही बरतने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

