विरासत और फैशन के संगम में दिखी कोसा, लेदर और स्टोन ज्वेलरी की धूम, 14 जून तक चलेगा होटल कलचुरी में मेला
साईडलुक, जबलपुर। संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम मर्यादित जबलपुर के तत्वावधान में होटल कलचुरी में 4 जून से 14 जून 2026 तक चल रहे 10 दिवसीय चंदेरी-महेश्वरी उत्सव में मध्यप्रदेश की बुनाई कला और हस्तशिल्प का भव्य नजारा देखने को मिल रहा है। इस प्रदर्शनी में चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों के साथ कोसा वस्त्र, ओरिजिनल लेदर पर्स और स्टोन वर्क ज्वेलरी भी खरीददारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।
प्रदर्शनी में चंदेरी साड़ियों की रेंज 4 हजार रुपये से शुरू होकर 80 हजार रुपये तक है। इन साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत हाथ से की गई बारीक बुनाई और शाही जरी वर्क है। कारीगरों ने बताया कि आज भी कई बुनकर 1930 के दशक की पारंपरिक तकनीक से जरी को माचिस की तीली पर लपेटकर बुनाई करते हैं। इस तकनीक में डिजाइन को बुनाई के दौरान ही तैयार किया जाता है, इसलिए साड़ी के पीछे कटिंग या अतिरिक्त धागे नजर नहीं आते। हैंडवर्क चंदेरी की जरी न तो चुभती है और न ही आसानी से निकलती है, साथ ही यह हल्की और मुलायम होने के कारण गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में आरामदायक रहती है।
महेश्वरी साड़ियों ने भी अपने हल्के वजन और आकर्षक डिजाइनों से लोगों का ध्यान खींचा है। प्रदर्शनी में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार द्वारा निर्मित विशेष महेश्वरी सिल्क साड़ी रखी गई है जिसका पल्लू पूरी तरह रेशम के धागों से बुना गया है। ये साड़ियां सिल्क, सिल्क-कॉटन और टिश्यू फैब्रिक में उपलब्ध हैं। एक सिल्क-कॉटन महेश्वरी साड़ी को तैयार करने में चार से पांच दिन लगते हैं, जबकि शुद्ध सिल्क साड़ी की बुनाई में 15 से 20 दिन से लेकर एक माह तक का समय लगता है। इनकी कीमत 4 हजार रुपये से शुरू होकर 25 हजार रुपये या उससे अधिक तक है। महेश्वरी की पहचान उसकी उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक जरी है जो समय के साथ काली नहीं पड़ती और बाजार में इसकी कीमत 30 से 40 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक है।
कोसा वस्त्रों ने परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम पेश किया है। यहां 3,500 रुपये से शुरू होकर 15 से 20 हजार रुपये तक की कोसा साड़ियां और फैब्रिक उपलब्ध हैं। कोसा फैब्रिक से कुर्ता, जैकेट और मोदी जैकेट जैसे परिधान भी तैयार किए जा सकते हैं। प्रदर्शनी में अजरक प्रिंट की कोसा साड़ियों के अलावा वारसोनी की जीआई टैग प्राप्त कोसा साड़ियां भी खास तौर पर रखी गई हैं जो पारंपरिक बुनाई का बेहतरीन उदाहरण हैं।
साड़ियों के अलावा क्वार्ट्ज, मार्बल और सनस्टोन से बने नेकलेस, ईयररिंग्स और ब्रासलेट भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। स्टोन वर्क ज्वेलरी की कीमत 1,500 रुपये से 9,500 रुपये तक है। वहीं विभिन्न डिजाइनों और रंगों में उपलब्ध ओरिजिनल लेदर पर्स भी ग्राहकों को लुभा रहे हैं।
यह 10 दिवसीय उत्सव केवल खरीदारी का मंच नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध हथकरघा, हस्तशिल्प और पारंपरिक बुनाई कला को करीब से जानने और समझने का भी महत्वपूर्ण अवसर दे रहा है। प्रदर्शनी रोजाना सुबह से शाम तक होटल कलचुरी जबलपुर में 14 जून तक खुली रहेगी।

