जिला कोषालय का विशेष प्रशिक्षण, आदि शंकराचार्य ऑडिटोरियम में जुटे सभी विभागों के अधिकारी, लॉगिन पासवर्ड की सुरक्षा, सही लेखा शीर्ष चयन और जीपीएफ भुगतान की बारीकियां समझाईं
साईडलुक, जबलपुर। शासकीय देयकों के आहरण में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जिला कोषालय जबलपुर ने आज गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। आईएफएमएस सिस्टम से देयकों के आहरण की प्रक्रिया और लॉगिन पासवर्ड की सुरक्षा को लेकर जिले के सभी विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान के आदि शंकराचार्य ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी साकेत जैन, अतिरिक्त कोषालय अधिकारी नवीन बारेकर और सिस्टम मैनेजर राजेश कुमार गुप्ता ने अधिकारियों को आईएफएमएस सिस्टम की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि देयक तैयार करते समय सही लेखा शीर्ष का चयन कैसे किया जाए, स्वीकृति आदेश में भुगतान संबंधी पूर्ण विवरण किस प्रकार दर्ज किया जाए और कोषालय संहिता 2020 में निहित आदेश और नियम निर्देशों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को विशेष रूप से लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सुरक्षा को लेकर सतर्क किया गया। बताया गया कि पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें, समय समय पर पासवर्ड बदलते रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही से पूरे विभाग का वित्तीय डेटा खतरे में पड़ सकता है।
इसके साथ ही प्रशिक्षण में जीपीएफ और डीपीएफ के ऑनलाइन अंतिम भुगतान की प्रक्रिया, अवकाश नियम 2025 और जीआईएस की पेंशन पोर्टल पर गणना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के साथ साथ उनके सहयोगी स्टाफ को भी इन प्रक्रियाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया ताकि भविष्य में देयकों में त्रुटि की संभावना न रहे और भुगतान प्रक्रिया तेज हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कोषालय के सभी सहायक कोषालय अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला कोषालय ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी विभाग आईएफएमएस प्रणाली का सुरक्षित और कुशलता से उपयोग कर सकें।

