मंत्री डॉ. विजय शाह ने किया 40.96 लाख के सामुदायिक भवन का लोकार्पण, शिक्षा-रोजगार पर कीं 10 बड़ी घोषणाएं
साईडलुक, जबलपुर। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने रविवार को मझौली स्थित बड़ादेव देवालय परिसर में आदिवासी समाज के लिए 40.96 लाख रुपए की लागत से बने सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने मझौली में हर साल आदिवासी मेले के आयोजन और शिक्षा-रोजगार से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं।
मंत्री डॉ. शाह ने मंच से ऐलान किया कि अब बड़ादेव देवालय परिसर में प्रतिवर्ष आदिवासी मेले का आयोजन होगा। इसके लिए जनजातीय कार्य विभाग हर साल 15 लाख रुपए की राशि देगा। शेष व्यवस्थाएं स्थानीय विधायक अजय विश्नोई और समाजजन मिलकर करेंगे।
साथ ही बड़ादेव देवालय के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सभी आदिवासी देवालयों के जीर्णोद्धार के लिए 4 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
शिक्षा-रोजगार: UPSC से IIT तक फ्री कोचिंग, व्यापार के लिए 5 लाख तक लोन
मंत्री ने कहा कि जनजातीय छात्रों के लिए CLAT, UPSC, PSC, NEET, IIT, IIIT की तैयारी जबलपुर, इंदौर और भोपाल में निशुल्क कराई जाएगी। वकील-जज बनने के इच्छुक युवाओं के लिए भी विशेष तैयारी होगी।
व्यापार के लिए आदिवासी भाई-बहनों को 2 से 5 लाख रुपए तक का ऋण और प्रशिक्षण दिया जाएगा। अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए विशेष योजना बनेगी। सेना से प्रशिक्षण मिलने पर भोजन-खर्च विभाग उठाएगा। कार्यक्रम में अग्निवीर में चयनित 11 युवाओं को 5-5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी गई।
इतिहास-संस्कृति का संरक्षण: पाठ्यपुस्तकों में आएंगे शंकर शाह-रघुनाथ शाह
स्वतंत्रता सेनानी वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह की गाथाओं को पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाएगा। उनके नाम पर जबलपुर में हर साल 5 करोड़ की लागत से भव्य जनजातीय सम्मेलन होगा।
जबलपुर में ही 20 करोड़ रुपए की लागत से सांस्कृतिक संरक्षण केंद्र बनेगा। यहां आदिवासी युवक-युवतियों और महिलाओं को पारंपरिक कला, संस्कृति का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विधायक बोले: मंत्री शाह के सहयोग से बना भवन
विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि 3 साल पहले मंत्री शाह के सहयोग से ही यह भवन निर्माण शुरू हुआ था। उन्होंने गोंड समाज की भाईचारे की परंपरा का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में बड़ादेव समिति अध्यक्ष प्रकाश सिंह सैयाम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और अधिकारी मौजूद रहे।

