सेंटकॉम ने बताया ‘आत्मरक्षा में कार्रवाई’, ईरान का दावा-बहरीन-कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार
साईडलुक, डेस्क। 10-11 जून 2026 की रात पश्चिम एशिया एक बार फिर धमाकों से दहल उठा। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ताजा हवाई और मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने फेसबुक पर पुष्टि की कि 10 जून को शाम 5:15 बजे ईस्टर्न टाइम पर राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के कई ठिकानों पर ‘सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक’ शुरू किए गए। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।
अमेरिकी हमला: 20 ठिकाने तबाह
फॉक्स न्यूज के मुख्य विदेश संवाददाता Trey Yingst के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने रातभर ऑपरेशन चलाकर ईरान के 20 ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार स्टेशन और ग्राउंड कंट्रोल सेंटर शामिल थे। हमलों का मकसद ईरान की हवाई सुरक्षा को कमजोर करना बताया जा रहा है।
ईरान का पलटवार: खाड़ी में मिसाइलों की बारिश
ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फगारी ने कहा कि ईरान ने शनिवार 6 जून 2026 की सुबह कुवैत और बहरीन की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा ईरान के खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने दावा किया कि कुल 21 अमेरिकी ठिकानों पर हमला हुआ। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और एयरस्पेस खाली करवाया गया।
ट्रंप का बयान: ‘हमला बहुत तेज होगा’
CNN द्वारा जारी वीडियो में पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ओवल ऑफिस से कहा कि बातचीत में प्रगति न होने की वजह से “अमेरिका ईरान पर बहुत कड़ा हमला करेगा”। उन्होंने एक अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिराए जाने को भी हमले की वजह बताया।
परमाणु संयंत्र फिर निशाने पर
ईरानी मीडिया तसनीम के हवाले से खबर है कि अमेरिका और इजरायल ने शनिवार तड़के नतान्ज परमाणु संयंत्र पर हमला किया। IAEA ने कहा कि संयंत्र के बाहर रेडिएशन स्तर नहीं बढ़ा है और जांच जारी है।
क्यों भड़का तनाव: 3 बड़े कारण
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टैंकर युद्ध: मई में अमेरिका ने ईरान के 2 तेल टैंकरों पर हमला किया था। जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि टैंकरों पर हमला हुआ तो अमेरिकी अड्डों पर ‘भीषण हमले’ होंगे।
परमाणु डील में गतिरोध: ईरान के पास 450 किलो 60% संवर्धित यूरेनियम है। ट्रंप ने 28 फरवरी को हमले के बाद कहा था कि ईरान ‘गेम’ खेल रहा है।
इजरायल-ईरान संघर्ष: 9 जून को ईरान-इजरायल युद्धविराम की खबर आई थी जिससे तेल कीमतों में गिरावट आई। लेकिन नया अमेरिकी हमला फिर से शांति वार्ता को पटरी से उतार सकता है।
असर: तेल, उड़ानें और बाजार
कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड 93.86 डॉलर प्रति बैरल पर। विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, नाकाबंदी से दाम 100 डॉलर पार जा सकते हैं।
नागरिक उड्डयन: कुवैत ने सभी यात्री विमानों को रूट बदलने को कहा।
कूटनीति: ईरानी विदेश मंत्री ने कतर की मध्यस्थता में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
आगे क्या: दोनों पक्षों की तैयारी
अमेरिका का कहना है कि 7 में से 6 ईरानी मिसाइलें हवा में ही रोक दी गईं। वहीं ईरान ने दावा किया है कि US Fifth Fleet का बहरीन स्थित मुख्यालय ड्रोन हमले में निशाना बना। रूस ने पेशकश की है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम तीसरे देश में रखा जाए, लेकिन ईरान ने इनकार किया।
फिलहाल दोनों देश एक-दूसरे पर पहले हमले का आरोप लगा रहे हैं। अमेरिका इसे ‘आत्मरक्षा’ बता रहा है, जबकि ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि हमला हुआ तो अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाएंगे।

