रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय से फिक्स्ड प्वाइंट सिद्धांत पर शोध पूर्ण, कॉलेज और जिले का बढ़ाया गौरव
साईडलुक, जबलपुर। श्रीराम कॉलेज के गणित विभाग में कार्यरत सहायक प्राध्यापक प्रमोद कुमार रजक ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, रायसेन मध्यप्रदेश से विज्ञान संकाय के अंतर्गत गणित विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी यानी पीएचडी की उपाधि हासिल की है। विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार डॉ. रजक ने अपना सम्पूर्ण शोध कार्य सफलतापूर्वक पूरा करने के पश्चात 19 जून 2026 को आयोजित वाइवा-व्होसे परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद विश्वविद्यालय ने उन्हें औपचारिक रूप से पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया।
डॉ. प्रमोद कुमार रजक ने “A Study of Existence and Uniqueness of Fixed Point” विषय पर अपना शोध कार्य सम्पन्न किया है। यह शोध गणित के महत्वपूर्ण फिक्स्ड प्वाइंट सिद्धांत पर आधारित है। फिक्स्ड प्वाइंट सिद्धांत का प्रयोग केवल शुद्ध गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उपयोग विज्ञान, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, अर्थशास्त्र और कई अन्य शोध क्षेत्रों में होता है। गणितीय मॉडलिंग, एल्गोरिदम डिजाइन और संतुलन अवस्थाओं के अध्ययन में इस सिद्धांत की अहम भूमिका मानी जाती है। इसी कारण से डॉ. रजक के शोध को विशेषज्ञों द्वारा गणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण और उपयोगी बताया जा रहा है।
इस शोध कार्य को डॉ. भावना अग्रवाल के कुशल निर्देशन में पूरा किया गया, जबकि डॉ. संजीत कुमार ने सह-शोध निर्देशक की भूमिका निभाई। दोनों वरिष्ठ विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और सहयोग से डॉ. रजक ने कठिन विषय पर गहन अध्ययन कर अपना शोध सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
डॉ. प्रमोद रजक की इस उपलब्धि से श्री राम कॉलेज परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल है। कॉलेज प्रबंधन, प्राचार्य, समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संस्थान ने इसे कॉलेज के लिए गौरव का क्षण बताया है। वहीं डॉ. रजक के मित्रों, शुभचिंतकों और परिजनों ने भी इस सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शिक्षाविदों का मानना है कि फिक्स्ड प्वाइंट सिद्धांत पर किया गया यह शोध आने वाले समय में गणित के शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करेगा। इससे इस क्षेत्र में नए अनुसंधानों को भी नई दिशा और प्रेरणा मिलने की संभावना है।
डॉ. प्रमोद रजक की यह उपलब्धि केवल श्री राम कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जबलपुर जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है। यह सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के प्रति प्रेरित करेगी और उन्हें बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने का हौसला देगी।

