महापुरुषों के विचारों को हथियार बताते हुए सांसद ने कहा, ताकतवर से भी होगा हिसाब, मासूमों पर अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
साईडलुक, डेस्क। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई धार दी है। उन्होंने कहा है कि बारिश की हर बूंद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं है। जिन्होंने अन्याय किया है, वे कितने ही ताकतवर क्यों ना हों, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना खड़ी हो, लेकिन उन्हें जवाब देना ही होगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बहुजन समाज में इसे संघर्ष के संकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने संदेश में जय भीम और जय भारत के उद्घोष के साथ कहा कि महापुरुषों के विचार ही उनके संघर्ष की ताकत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति कुर्सी की नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और इंसाफ की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। संसद से लेकर सड़क तक चंद्रशेखर आजाद इन मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं।
पिछले एक वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जमीनी स्तर पर अभी भी शिकायतों पर कार्रवाई में देरी होती है और पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे संविधान को अपनी ढाल बनाएं और बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और मान्यवर कांशीराम के विचारों को घर घर तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का आखिरी व्यक्ति न्याय की मुख्यधारा से नहीं जुड़ जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रशेखर आजाद का यह बयान केवल एक भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए एक राजनीतिक चेतावनी भी है। वे लगातार यह दोहराते रहे हैं कि बहुजन समाज अब चुप रहने वाला नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से हर अन्याय का हिसाब लिया जाएगा।
उनके इस बयान के बाद देश भर से भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे साझा करते हुए लिखा है कि यह सिर्फ एक नेता का बयान नहीं, बल्कि करोड़ों वंचितों की आवाज है।

