संयुक्त संचालक गिरीश मेश्राम बोले- मत्स्य पालकों को समय पर मिले उच्च गुणवत्ता का बीज, जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
साईडलुक, जबलपुर। मत्स्य विभाग के संयुक्त संचालक गिरीश मेश्राम ने सोमवार को मत्स्यबीज प्रक्षेत्र गोकलपुर का सघन निरीक्षण किया। सुबह करीब 11 बजे प्रक्षेत्र पर पहुंचे संयुक्त संचालक ने सबसे पहले प्रजनक तालाबों, हैचरी इकाई और नर्सरी तालाबों का भ्रमण किया और वहां चल रहे मत्स्यबीज उत्पादन तथा संवर्धन कार्यों का गहनता से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाबों में मत्स्यबीज की ग्रोथ, स्पॉन से फ्राई और फिंगरलिंग्स तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में तकनीकी जानकारी ली।
संयुक्त संचालक श्री मेश्राम ने प्रक्षेत्र की जल गुणवत्ता, आक्सीजन स्तर, तालाबों की साफ-सफाई और मत्स्य आहार प्रबंधन को लेकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गोकलपुर प्रक्षेत्र जिले का प्रमुख मत्स्यबीज उत्पादन केंद्र है इसलिए यहां से निकलने वाला बीज गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। मत्स्यबीज की गुणवत्ता ही मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने का आधार है इसलिए नर्सरी प्रबंधन को और अधिक वैज्ञानिक पद्धति से मजबूत किया जाए।
निरीक्षण के दौरान श्री मेश्राम ने प्रक्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के सभी मत्स्य पालकों और मत्स्य सहकारी समितियों को मांग के अनुसार समय पर उन्नत किस्म का मत्स्यबीज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रक्षेत्र परिसर की व्यवस्थाओं को सुधारने और रिकार्ड संधारण को अद्यतन रखने के लिए भी संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर मत्स्य विभाग के सहायक संचालक राजा राज तिलक धुर्वे ने प्रक्षेत्र में इस वर्ष हुए बीज उत्पादन और वितरण की प्रगति की जानकारी दी। निरीक्षण के समय मत्स्य निरीक्षक दीक्षा बैरागी, प्रक्षेत्र प्रभारी कर्मचारी राजेश रैकवार, सुनील झरिया सहित अन्य मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।

