साईडलुक, सत्यजीत यादव। भारत के परिवहन इतिहास में 1911 का वर्ष एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया, जब कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) से देश की पहली सरकारी विमान सेवा की शुरुआत हुई। यह सेवा ब्रिटिश शासन के दौरान प्रारंभ की गई थी, और इसका उद्देश्य था—डाक और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को तेज़ी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना।
पहली सरकारी विमान सेवा की विशेषताएं
भारत की पहली सरकारी विमान सेवा एक प्रायोगिक उड़ान थी, जिसने कोलकाता से इलाहाबाद तक का मार्ग तय करते हुए, फ्रेंच पायलट हेनरी पेकेट द्वारा उड़ाए गए एक छोटे, हल्के विमान के माध्यम से 6,500 से अधिक डाकपत्रों का वितरण कर भारत में हवाई परिवहन की नींव रखी।
इस उड़ान का ऐतिहासिक महत्व
यह उड़ान न केवल भारत, बल्कि एशिया की पहली आधिकारिक एयरमेल सेवा थी, जिसने भारतीय परिवहन और संचार क्षेत्र में हवाई सेवाओं के भविष्य की आधारशिला रखी और इसके बाद देश में व्यावसायिक व नागरिक विमानन के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ।

