दिल्ली में वकीलों के बीच तनाव का माहौल, मनन मिश्रा ने बताया सीजेपी पर वकीलों के गुस्से की वजह, कहा बार की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
साईडलुक, नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है जिसने दिल्ली के कानूनी गलियारों में हलचल मचा दी है। मनन मिश्रा ने बताया कि कल उनके पास कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के 15 लोग आए और उनसे कहने लगे कि मनन मिश्रा रिजाइन करो। इस घटना के बाद वहां मौजूद वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया और वकीलों ने उन लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया।
मनन मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि यह लोग अचानक बार काउंसिल के दफ्तर के आसपास पहुंचे और इस्तीफे की मांग करने लगे। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया एक संवैधानिक संस्था है और इस तरह से नारेबाजी करना और इस्तीफा मांगना बार की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब सीजेपी के लोग इस्तीफे की मांग कर रहे थे उसी दौरान वहां मौजूद वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया और गुस्से में आकर उन लोगों को मारपीट कर वहां से भगा दिया।
मनन मिश्रा ने कहा कि वकील समुदाय बार काउंसिल का सम्मान करता है और किसी भी बाहरी संगठन द्वारा इस तरह की हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वकीलों ने अपने गुस्से का इजहार किया है क्योंकि वे नहीं चाहते कि कोई भी बाहरी तत्व बार के कामकाज में दखल दे।
इस घटना के बाद दिल्ली में वकीलों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि सीजेपी पिछले कुछ दिनों से लगातार सरकारी स्कूलों और अन्य सिस्टम की खामियों को लेकर ऑडिट अभियान चला रही है और इसी को लेकर बार से जुड़े कुछ मामलों पर भी सवाल उठा रही थी। हालांकि इस मारपीट की घटना को लेकर अभी तक पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। वहीं सीजेपी की ओर से भी इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

