कांवरपुरा, रामपुरा के सरकारी स्कूल की जर्जर हकीकत उजागर करने पहुंचे थे, अभिजीत दीपके ने लगाया गंभीर आरोप, कहा क्या स्कूलों का ऑडिट करना बच्चों को बिना क्लासरूम पढ़ाने से बड़ा गुनाह है
साईडलुक, डेस्क। मध्य प्रदेश के रामपुरा के कांवरपुरा गांव में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां का सरकारी स्कूल पिछले कई सालों से एक भैंस के बाड़े में चल रहा है। इसी हकीकत का ऑडिट करने पहुंची हमारी टीम पर भाजपा के गुंडों ने एक बार फिर हिंसा की है। यह आरोप कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने लगाया है।
अभिजीत दीपके की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमारी टीम जब कांवरपुरा के सरकारी स्कूल का ऑडिट करने पहुंची तो देखा कि छोटे-छोटे मासूम बच्चे एक भैंस के बाड़े में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। न कोई ठीक से क्लासरूम है, न कोई सुविधा। सालों से बच्चे इसी बाड़े में पढ़ रहे हैं। जब हमारी टीम ने वहां पहुंचकर स्कूल की असली स्थिति को रिकॉर्ड करना शुरू किया और ऑडिट शुरू किया तो भाजपा के गुंडों ने हमारी टीम पर हमला कर दिया।
अभिजीत दीपके ने कहा है कि यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार स्कूल की बिल्डिंग ठीक कराने के बजाय सच दिखाने वालों पर हमला करवा रही है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या स्कूलों का ऑडिट करना इतना बड़ा मुद्दा है कि बच्चों को बिना ठीक क्लासरूम के भैंस के बाड़े में पढ़ाना उससे छोटा मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर कांवरपुरा के बच्चे कब तक भैंस के बाड़े में पढ़ेंगे।
अभिजीत दीपके ने कहा कि हमें डराया धमकाया जा रहा है लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। जहां सिस्टम सड़ेगा वहां कॉकरोच जनता पार्टी पहुंचेगी और स्कूलों का ऑडिट करेगी। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन तुरंत कांवरपुरा में नया स्कूल भवन बनवाए और हमारी टीम पर हमला करने वाले भाजपा के गुंडों पर सख्त कार्रवाई करे।
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सालों से उनके बच्चे भैंस के बाड़े में पढ़ने को मजबूर हैं लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। अब जब कोई उनकी आवाज उठा रहा है तो उसे पीटा जा रहा है।

