15 लाख पहुंचा वार्षिक टर्नओवर, सैकड़ों युवाओं को मिल रहा डिजिटल स्किल्स और रोजगार का प्रशिक्षण
साईडलुक, जबलपुर। शासकीय योजना से मिला समय पर आर्थिक सहयोग किस तरह किसी छोटे कारोबार को नई ऊंचाई दे सकता है, इसकी मिसाल गोहलपुर निवासी अभिषेक कुमार भावे हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत मिले 2 लाख के ऋण की मदद से उन्होंने अपने कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान का विस्तार किया। आज यही संस्थान हर साल सैकड़ों युवाओं को रोजगारपरक डिजिटल प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी और स्वरोजगार के लिए तैयार कर रहा है।
34 वर्षीय अभिषेक कुमार भावे लंबे समय से आईटी सर्विसेज और कंप्यूटर प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ कंप्यूटर का सामान्य ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे डिजिटल कौशल से लैस करना है, जिससे वे रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें। संस्थान के विस्तार और आधुनिक संसाधनों की जरूरत को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने पर उन्हें भारतीय स्टेट बैंक की सिविल लाइन शाखा से 2 लाख का ऋण मिला।
ऋण राशि से उन्होंने नए कंप्यूटर, प्रशिक्षण उपकरण और अन्य आधुनिक संसाधन खरीदे। इसके बाद संस्थान में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण शुरू हुआ, जिससे विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा और प्रवेश लेने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ। संस्थान के विस्तार के साथ कारोबार को भी नई गति मिली। वर्तमान में संस्थान का वार्षिक टर्नओवर करीब 15 लाख तक पहुंच गया है। अभिषेक बताते हैं कि समय पर मिली वित्तीय सहायता ने उनके व्यवसाय को मजबूती देने के साथ उसे नई पहचान भी दिलाई।
वर्तमान में उनके संस्थान में प्रतिवर्ष सैकड़ों विद्यार्थी कंप्यूटर शिक्षा, टैली, एडवांस एक्सेल सहित अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से कई युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है, जबकि कई ने स्वयं का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की राह चुनी है। इसके अलावा संस्थान में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें जॉब प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिल रही है।
अभिषेक का कहना है कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम है। वे इस सहयोग के लिए मध्यप्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और भारतीय स्टेट बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस योजना ने उन्हें न सिर्फ अपना संस्थान का विस्तार करने का अवसर दिया, बल्कि रोजगार सृजन के माध्यम से समाज के प्रति योगदान देने का भी मौका दिया।

