5000 स्क्वायर फीट में बनेगा 400 बंदियों की क्षमता वाला भव्य सभागार, लोकमत परिवार करा रहा निर्माण; कलमवीरों ने किया अतिथियों का स्वागत
साईडलुक, जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में 4 जुलाई को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं लोकमत पत्र समूह के संस्थापक जवाहरलाल दर्डा ‘बाबूजी’ की स्मृति में ‘स्वतंत्रता सेनानी जवाहरलाल दर्डा सभा भवन’ का शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और विधायक अशोक रोहाणी के साथ कुदाल चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल एक ऐतिहासिक जेल है जहां नेताजी रहे और उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटना इस जेल से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल दर्डा जी भी इस जेल में रहे और बाबूजी का जीवन दर्शन लोक कल्याणकारी रहा। उनकी स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए लोकमत परिवार द्वारा सभा भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। मंत्री ने कहा कि दर्डा परिवार पहला ऐसा परिवार है जो अपना निजी पैसा लगाकर जेल में निर्माण कार्य कर रहा है और यह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकमत पत्र समूह के एडिटर इन चीफ एवं महाराष्ट्र के पूर्व उद्योग मंत्री राजेन्द्र दर्डा ने की। इस अवसर पर कलमवीर संघर्ष संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शुभम् शुक्ला, राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय साहू, राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यजीत यादव, प्रदेश प्रवक्ता हर्षित चौरसिया, सुनील सेन, दिलीप तिवारी सहित प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने संस्कारधानी में राजेन्द्र दर्डा का स्वागत किया।
केन्द्रीय कारागार में पूर्व से ही सुभाष सभागार है, किंतु उस सभागार की क्षमता मात्र 100 बंदी की है। वर्तमान में बनाया जा रहा नवीन सभागार लगभग 5000 स्क्वायर फीट का रहेगा, जिसकी बंदी क्षमता लगभग 400 बंदी की रहेगी। इस सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।
जवाहरलाल दर्डा ‘बाबूजी’ बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं चुम्बकीय व्यक्तित्व के गांधीवादी नेता थे। वे गांधी जी के आह्वान पर वर्ष 1940 में मात्र 17 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए एवं वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल होने पर लगभग 1 वर्ष 9 माह तक कारागार में बंद रहे। कारागार में बंद रहने के दौरान युवा कैदियों के बीच भी बाबूजी ने आजादी की अलख जगाई।
शिलान्यास समारोह में कैंट विधायक अशोक रोहाणी, पूर्व महापौर स्वाति सदानंद गोडबोले एवं केन्द्रीय जेल जबलपुर के जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संयोजक के रूप में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश एवं लोकमत पत्र समूह के संजय परोहा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने सभी गणमान्य अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।




