साईडलुक, जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर प्रदेश भर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जबलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन के जरिए जल संरक्षण का संदेश घर-घर पहुंचाया जा रहा है। जन अभियान परिषद की स्थानीय इकाइयों द्वारा गांव के मुख्य मार्गों, ग्राम पंचायत भवनों, सार्वजनिक स्थानों और तालाबों के किनारे बनी दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में स्लोगन लिखे जा रहे हैं ताकि हर आने-जाने वाले की नजर उन पर पड़े और पानी की कीमत समझ आए।
‘जल ही जीवन है’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘जल है तो कल है’, ‘पानी की एक-एक बूंद कीमती है’, ‘पानी की रक्षा-भविष्य की सुरक्षा’, ‘पानी की हर बूंद में बसा है जीवन का सार’, ‘आज बूंद-बूंद जल बचाएंगे तो कल बेहतर जीवन पायेंगे’ और ‘जल है अनमोल इसका नहीं है कोई मोल’ जैसे सरल और प्रभावी स्लोगन दीवारों पर उकेरे गए हैं। ये स्लोगन ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और उनमें जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगा रहे हैं।
इन संदेशों से प्रेरित होकर ग्रामीण अब रिचार्ज पिट बनाने, पुराने कूपों के जीर्णोद्धार और तालाबों की साफ-सफाई जैसे कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। दीवार लेखन के इस अभियान में जन अभियान परिषद की स्थानीय इकाइयों के साथ स्कूली छात्र-छात्राएं और आम नागरिक भी पूरी सक्रियता से भाग ले रहे हैं। सभी मिलकर पेंटिंग और लेखन के जरिए जल संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं और जल स्रोतों के पुनरुद्धार के कार्य में सहभागी बनने के लिए दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।

