जबलपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर ने आरोपी कमरूद्दीन खान को थाना ओमती के अपराध क्रं. 39/2021 व विशेष प्रकरण क्रमांक 40/2021 अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5 (एम) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया तथा उत्तरजीवी को 2,00,000 रूपये (दो लाख) प्रतिकर राशि प्रदान करने का आदेश पारित किया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 15 जनवरी 2021 को उत्तरजीवी की माता के द्वारा आरक्षी केन्द्र ओमती के अपराध क्रं. 39/2021 अंतर्गत धारा 376 एबी भादवि एवं धारा 5 एम, 5 एन/6 पाॅक्सो एक्ट के तहत इस आशय की रिपोर्ट लेखबद्ध की गई कि अभियुक्त कमरूद्दीन खान उनके पडोस में रहता है एवं उनके अभियुक्त से घरेलु संबंध है। उसकी बेटी उत्तरजीवी अकसर उनके घर खेलने जाती है। वह अभियुक्त को खालू व उसकी पत्नी को खाला कहती है और उत्तरजीवी उसे नाना कहकर पुकारती है। रोजाना की तरह दिनांक 14 जनवरी 2021 की रात करीबन 8 बजे उत्तरजीवी अभियुक्त के घर खेलने गई थी और लगभग 9 बजे वापस आ गई और खेलते-खेलते और खाना खाकर सो गई।
सुबह करीब 3 बजे उत्तरजीवी अचानक जोर से रोते हुये उठी और नाना द्वारा किए गये दुश्कर्मा की जानकारी दी। जिससे उसे दर्द हो रहा है और यह कहकर उत्तरजीवी जोर से रोने लगी। और वह काफी देर तक रोते रही और रोते रोते सो गई। चूंकि उसकी बच्ची का सवाल था और बदनामी के डर से वे लोग काफी देर तक सोचते रहे, पर अभियुक्त को सजा मिलनी चाहिए यह सोचकर वे थाने में रिपोर्ट करने आये। उक्त के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक माधुरी वासनिक द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारार्थ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। उप-संचालक (अभियोजन) विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी कमरूद्दीन खान को थाना ओमती के अपराध क्रं. 39/2021 व विशेष प्रकरण क्रमांक 40/2021 अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5 (एम) सहपठित धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया तथा उत्तरजीवी को 2,00,000 रूपये (दो लाख रू) प्रतिकर राशि प्रदान करने का आदेश पारित किया।

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