लापरवाही प्रमाणित होने पर सेवा समाप्ति की होगी कार्रवाई….
जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडरूखी का मामल…
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| इन दिनों जिले के जनपद समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडरुखी में ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा विकास कार्यों में अनियमितता एवं शासकीय राशि का गबन करने के मामले में लगातार खबरों में सुर्खियां बटोर रही है। एक बार फिर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी के द्वारा विकास कार्यों में धांधली करने वाले सरपंच, पूर्व सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को नोटिस जारी कर न्यायालय जिला पंचायत में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने की मांग की है साथ अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दिया गया है।
ये रहा पूरा मामला….
दरअसल विगत दिनों जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडरूखी में पूर्व सरपंच,सरपंच,सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा शासकीय कर्मचारी को नियम विरूद्ध शासकीय योजना का लाभ दिलाने के आरोप लगा शिकायतकर्ता शिखरचंद ने मुख्यकार्यपालन अधिकारी समनापुर और जनसुवाई में कलेक्टर से लिखित शिकायत करते हुए शासकीय शिक्षिका को शासन की योजना का लाभ देने की शिकायत करते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसपर संज्ञान लेते हुए जनपद पंचायत समनापुर सीईओ और जिला पंचायत सीईओ टीम गठित कर जांच कराया गया।
बता दें कि जांच के बाद ग्राम पंचायत सरपंच, पूर्व सरपंच सचिव, और ग्राम रोजगार सहायक को जिला पंचायत सीईओ द्वारा नोटिस जारी किया गया है। जिसमें उल्लेख है कि जिला स्तरीयजांच दल द्वारा दिनांक 28 अगस्त 2024 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया जिसमें सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक द्वारा वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय राशि का गबन किया जाना पाया गया।
ग्राम पंचायत बुडरूखी, जनपद पंचायत समनापुर के सरपंच, पंच तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में ग्राम पंचायत बुडरुखी, जनपद पंचायत समनापुर की सरपंच श्रीमती विधि उद्दे, सचिव त्रिलोक सिंह मौहारी के द्वारा शिक्षिका श्रीमती सुहागा मरकाम के नाम से फर्जी मस्टर रोल, जॉब कार्ड तैयार कर खेत तालाब स्वीकृत राशि 1, 70,560 रूपये गबन करने की शिकायत की जाँच जिला स्तरीय जाँच दल द्वारा 28 अगस्त 2024 को सर्व संबधितों की उपस्थिति में जाँच की गई। जांच के दौरान ग्राम पंचायत बुडरुखी के द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में खेत तालाब निर्माण श्रीमती सुहागा मरकाम के नाम से स्वीकृत किया गया था, जिसकी तकनीकि स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति है, जिसकी स्वीकृति राशि 288000 रुपये है, जिसमें मस्टर अनुसार मजदूरी में व्यय राशि 1,77,560 रुपये एवं सामग्री में व्यय राशि 0.00 हुआ है। कुल व्यय राशि 1,77,560 रुपये है।
इस प्रकार जाँच के दौरान यह पाया गया कि श्रीमती सुहागा बाई मरकाम, शिक्षिका को ग्राम पंचायत बुडरुखी के द्वारा खेत तालाब स्वीकृत किया गया। जिसकी जानकारी श्रीमती सुहागा बाई को नहीं थी और न ही उनके द्वारा इस संबंध में कार्य कराये जाने का आवेदन दिया गया था। उक्त कार्य फर्जी रूप से स्वीकृत किया गया और शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जाना पाया गया है। खेत तालाब की प्रशासकीय स्वीकृति राशि 288000 रुपये है,जिसमें मस्टर अनुसार मजदूरी में व्यय राशि 1,77,560 रुपये एवं सामग्री में व्यय राशि 0.00 हुआ है। कुल व्यय राशि 1,77,560 रुपये का नियम विरुद्ध तरीके से आहरण कर गबन किया जाना प्रमाणित व सिद्ध पाया गया है। जांच से स्पष्ट है कि पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही स्वेछाचारिता व गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है।
इस प्रकार अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार के दोषी है व सरपंच पद पर बने रहना लोकहित में वांछनीय है। पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89/92 के प्रावधानों के तहत वसूली करने की कार्यवाही की जावेगी। ततसंबंध में सरपंच को उक्त संबंधमें 16 सितंबर 2024 को न्यायालय जिला पंचायत में उपस्थित होकर बिन्दूवार जबाव, प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपस्थिति एवं समाधान कारक जबाव प्रस्तुत नहीं करने की दशा में सरपंच विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
इसी मामले में ग्राम पंचायत बुडरूखी के पूर्व सरपंच संजय सिंह धुर्वें, सचिव त्रिलोक सिंह मौहारी और ग्राम रोजगार सहायक खुमान सिंह को भी नोटिस जारी कर 16 सितंबर को न्यायालय जिला पंचायत में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव को जारी नोटिस में उल्लेख किया गया कि पंचायत राज संचालनालय मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993की धारा 89/92 के प्रावधानों के तहत वसूली करने की कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह रोजगार सहायक को जारी नोटिस में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल ग्राम रोजगार सहायक नियुक्ति निर्देश में उल्लेखित आदेशों के अनुक्रम में अनियमिता एवं कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही प्रमाणित होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जावेगी।



