तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल….
जनपद करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत धवाडोंगरी उपस्वास्थ्य केंद्र का मामला…
डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। करंजिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत धवाडोंगरी में 65 लाख रुपये की लागत से बन रहे उपस्वास्थ्य केंद्र भवन में भारी भ्रष्टाचार और निर्माण संबंधी अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ है। निर्माण कार्य में शुरूआत से ही तकनीकी मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में जबरदस्त आक्रोश है।
ग्राम पंचायत धवाडोंगरी के सरपंच ईश्वर तेकाम ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए कॉलम निर्माण में सिर्फ एक फीट गहराई और 10 मिमी की चार छड़ों का उपयोग किया, जबकि नियमानुसार 5 फीट गहराई और 12 से 16 मिमी की छड़ें जरूरी थीं। छड़ों के बीच की दूरी भी तय 6 इंच की बजाय 10 इंच रखी गई, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल….
सरपंच तेकाम ने बताया कि उन्होंने कई बार ठेकेदार और स्वास्थ्य विभाग के उपयंत्री को घटिया निर्माण की जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह संदेह और गहराया है कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह निर्माण कार्य महज औपचारिकता बनकर रह गया है। बता दें कि धवाडोंगरी में लंबे समय से उपस्वास्थ्य केंद्र की मांग की जा रही थी, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। परंतु निर्माण की खराब गुणवत्ता के कारण अब यह बहुप्रतीक्षित सुविधा अधर में लटकती नजर आ रही है। ग्रामीणों और सरपंच ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सरपंच ईश्वर तेकाम ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो ग्रामवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



