सचिव ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप….
जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पौड़ीमाल का मामला….

डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। मध्यप्रदेश में पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के तमाम प्रयासों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पौंड़ीमाल में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। जानकारी के अनुसार यहां फर्जी बिलों के आधार पर लाखों रुपये का भुगतान कर शासन को भारी राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है।
ये रहा पूरा मामला…
दरअसल ग्राम पंचायत पौड़ीमाल में सरपंच, सचिव के द्वारा मिलीभगत 15वें वित्त की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पौंड़ीमाल पंचायत की सरपंच विषमतिया बाई और सचिव जोहानलाल कोरबा द्वारा फ्लेक्स बैनर, स्वच्छता सामग्री और अन्य कार्यों के नाम पर 15वें वित्त आयोग की राशि से मनमानी भुगतान किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन फर्मों को भुगतान किया गया है, उनमें “अवधिया फोटो ब्रिजेश” नामक एक फर्म शामिल है, जो मूलतः सिर्फ फोटोकॉपी और ऑनलाइन सेवाएं देती है। इसके बावजूद इसी दुकान से फ्लेक्स बैनर, स्वच्छता कार्य और अन्य सामग्री की खरीदी दर्शाकर लाखों का बंदरबांट किया गया।

5वें वित्त की राशि में भी गड़बड़ियां…
बता दें कि ग्राम पंचायत सरपंच,सचिव का यह भ्रष्टाचार सिर्फ 15वां ही नहीं, 5वें वित्त आयोग की राशि का भी इसी तरह दुरुपयोग किया गया है। स्टेशनरी, किराना, सहित अन्य मदों में बिना वैध दस्तावेज़ों के भुगतान किया गया है। जिससे साफ होता है कि पंचायत के फंड को निजी लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है।

फर्जी बिलों की भरमार, नियमों की खुलेआम अनदेखी…
ग्राम पंचायत पौड़ीमाल के जिम्मेदारों द्वारा पंचायत दर्पण में लगाए गए बिल इतने धुंधले हैं कि उन्हें पढ़ पाना तक संभव नहीं। साथ ही अधिकांश बिलों में जीएसटी नंबर तक नहीं है, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि ₹5000 से अधिक की किसी भी खरीदी के लिए वैध जीएसटी नंबर वाला बिल अनिवार्य है। इसके बावजूद, पंचायत द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों से निर्माण सामग्री की खरीद दर्शाकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल….
सूत्रों की मानें तो इतनी बड़ी अनियमितताएं संबंधित अधिकारियों की जानकारी या सहमति के बिना संभव नहीं। अधिकारियों की चुप्पी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह फर्जीवाड़ा पंचायत व्यवस्था की नींव को ही हिला सकता है।
इनका कहना है “
मैंने सरपंच के कहने पर राशि का भुगतान पीसीओ की उपस्थित में किया है, सरपंच ने द्वारा जहां—जहां कहा मैंने भुगतान किया है
जोहान लाल कोरबा, सचिव ग्राम पंचायत पौड़ीमाल जनपद पंचायत डिंडौरी।



