डिंडौरी राठौर रामसहाय मर्दन। विगत दिनों खबर प्रकाशन के बाद तेंदुमेर मोहतरा ग्राम पंचायत में सामने आए वित्तीय अनियमितता के मामले ने जनपद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। साईड लुक न्यूज़ वेबसाइट पोर्टल में प्रकाशित खबर के बाद जनपद पंचायत डिंडौरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं। आरोपों के केंद्र में ग्राम पंचायत तेंदुमेर मोहतरा के सरपंच ओंकार सिंह धुर्वे और सचिव कमल सिंह पट्टा हैं, जिन पर केंद्र व राज्य सरकार की विकास योजनाओं के तहत मिली राशि के दुरुपयोग का आरोप है।

इन बिंदुओं पर हो रही जांच:
अमान्य GST नंबर के आधार पर 5वें वित्त आयोग की राशि का भुगतान। फर्जी व बिना रजिस्ट्रेशन वाली फर्मों को मनमाना भुगतान।15वें वित्त आयोग की राशि को पंचायत के अधिकृत बैंक खाते से हटाकर निजी खातों में ट्रांसफर करना। फोटोकॉपी व अन्य सामान्य कार्यों के नाम पर अनुचित खर्च।
सूत्रों के अनुसार, पंचायत से जारी कई भुगतान संदिग्ध बिलों और बिना टैक्स मान्यता प्राप्त फर्मों के नाम पर किए गए हैं। वहीं, ₹50,000 से लेकर ₹5,000 तक की कई किश्तों में पंचायत की राशि सचिव और सरपंच के निजी खातों में ट्रांसफर की गई, जो नियमानुसार पूरी तरह गलत है।
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