वैज्ञानिक खेती और मोटे अनाज उत्पादन पर जोर, कृषि अधिकारियों ने बताए सफल खेती के गुर
साईडलुक, जबलपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विकासखण्ड कुंडम में बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक संतोष वरकड़े ने कुंडम एवं आसपास के लगभग सौ प्रगतिशील किसानों को अरहर और उड़द के मिनिकिट तथा प्रदर्शन हेतु रागी के उन्नत किस्म के बीज वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक वरकड़े ने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और उन्नत बीजों का उपयोग समय की मांग है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के जरिए सरकार का मुख्य लक्ष्य दलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि उन्नत बीजों के इस्तेमाल से उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को बल मिलेगा।
कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों ने किसानों को केवल बीज वितरण ही नहीं किया, बल्कि उन्हें सफल खेती के गुर भी सिखाए। किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीक, सही समय पर फसल बोने का महत्व, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए खाद का सही उपयोग तथा कीट और रोगों से फसलों को बचाने के उपाय बताए गए। अधिकारियों ने बताया कि रागी जैसे मोटे अनाज स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं और बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एल पी उइके, कृषि विस्तार अधिकारी ऋतेश मालवीय, विकास चौहान, दीपांशु सोनी एवं सुश्री प्रांजलि वर्मा तथा बड़ी संख्या में स्थानीय किसान कार्यक्रम में उपस्थित थे। किसानों ने उन्नत बीज मिलने पर खुशी जताई और कहा कि इससे उनकी खेती में नए प्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा।

