ऑनलाइन जमीन संबंधी सेवाएं हुईं और भी पारदर्शी और तेज़
साईडलुक, सत्यजीत यादव। मध्यप्रदेश सरकार ने डिजिटल राजस्व व्यवस्था को और अधिक मजबूत करते हुए भू-अभिलेख पोर्टल का नया संस्करण ‘Web GIS 2.0’ लॉन्च किया है। इस नए पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को भूमि से जुड़ी जानकारी और सेवाएं अब अधिक सुलभ, तेज़ और पारदर्शी रूप में प्राप्त होंगी।
क्या है Web GIS 2.0 ?
Web GIS (Geographic Information System) का नया वर्जन जमीन की सैटेलाइट इमेजिंग, नक्शा आधारित सर्च, और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को और अधिक एडवांस बनाता है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को खसरा, खतौनी, भू-स्वामित्व, भूमि उपयोग प्रकार, सीमाएं और नजरी नक्शे को डिजिटल रूप में देखने और डाउनलोड करने की सुविधा देता है।
नये पोर्टल की मुख्य विशेषताएं
यह पोर्टल यूजर फ्रेंडली इंटरफेस है। मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। यह एक रियल टाइम डेटा अपडेटिंग सिस्टम के तहत काम करता है। जिससे भूमि रिकॉर्ड लगातार अपडेट होते रहेंगे। यह डिजिटल साइन वेरिफिकेशन के साथ काम करता है। जिससे दस्तावेजों की प्रमाणिकता सुनिश्चित हो सके। इसमें नक्शा आधारित सर्चिंग सिस्टम भी है, जिससे भूखंड या खसरा नंबर से सीधा लोकेशन ट्रैकिंग। इसमें सार्वजनिक एक्सेस है, जो आम नागरिक सीधे भू-अभिलेख देख सकते हैं, किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सेवा भविष्य में ई-नामांतरण, ई-म्यूटेशन जैसी सेवाओं का भी इंटीग्रेशन होगा।
क्या बोले अधिकारी ?
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पोर्टल ‘डिजिटल भारत’ और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे बिचौलियों पर रोक, भ्रष्टाचार में कमी और संपत्ति विवादों के समाधान में मदद मिलेगी।
पोर्टल का उपयोग कैसे करें ?
नागरिक [mpbhulekh.gov.in](https://mpbhulekh.gov.in) पर जाकर Web GIS सेक्शन में प्रवेश कर सकते हैं। वहां से वे खसरा नंबर, गांव, तहसील आदि से जुड़ी जानकारी सीधे देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
ऑनलाइन सेवाओं में गति
Web GIS 2.0 की लॉन्चिंग से मध्यप्रदेश की भूमि संबंधी ऑनलाइन सेवाओं में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही तीनों में सुधार हुआ है। अब आमजन अपने जमीन से जुड़े दस्तावेज एक क्लिक में देख और उपयोग कर सकते हैं।

