कुकरू-चिखलदरा-मुक्तागिरी-मेलघाट को जोड़ेंगे, एडवेंचर स्पोर्ट्स से लेकर होमस्टे तक बनेंगे, स्थानीय युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग
साईडलुक, भोपाल/बैतूल। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को मध्यप्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को कुकरू भ्रमण के दौरान 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह कुकरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास के साथ दिन की शुरुआत की। उन्होंने मयूरासन, शीर्षासन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए और प्रदेशवासियों को दैनिक जीवन में योग अपनाने का संदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई और पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा।
ईको टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट और पर्यटन अधोसंरचना विकसित होगी। यहां ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
जनजातीय समूहों के लिए होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग
स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इनका संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों की तर्ज पर होगा और बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
‘कुकरू नेचुरल’ ब्रांड से बिकेंगे स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ कोदो-कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा सहित अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है। इनके प्रचार-प्रसार के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और वन विभाग के सहयोग से “कुकरू नेचुरल” के नाम से इकाइयां स्थापित होंगी। वन विभाग शहरों में इन उत्पादों के आउटलेट भी खोलेगा। दुग्ध उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे।
युवाओं को टूरिस्ट गाइड और होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग
स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग और होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुकरू में रोबुस्टा और अरेबिका कॉफी के उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित होगी। कॉफी बोर्ड और वन विभाग ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग देंगे।
जल संरक्षण और आधारभूत विकास
पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण होगा। ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क, लोकलदरी में 40 लाख की पुलिया, कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख और कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख की सड़क, जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख की सड़क निर्माण की घोषणा की। ग्राम खामला में 1.20 करोड़ की लागत से बालिका छात्रावास और ग्राम कसई में 25 लाख की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान बनेगी।
खेत में चलाया हल, दिखाई लाठी कला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी की। किसान ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ भूमि है। मुख्यमंत्री ने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय की जानकारी ली। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय हेमंत गायनी ने लाठी घुमाने की कला दिखाई तो मुख्यमंत्री ने भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया।
स्व-सहायता समूहों से संवाद, दी योजनाओं की जानकारी
जन संवाद में लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की नीता धाड़से ने जैविक खेती से आर्थिक सुधार की बात कही। मैना दामजे ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद मावा-रबड़ी के काम से आय बढ़ी है। अर्चना विनोद ने कहा कि सीएलएफ से 72 लाख का ऋण मिलने से महिलाएं डेयरी और कृषि सखी जैसी गतिविधियों से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने आचार्य विद्यासागर योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के बैंक ऋण, 33 प्रतिशत सब्सिडी और 5 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति की जानकारी दी।
‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन, 45 वन रक्षकों को नियुक्ति-पत्र
मुख्यमंत्री ने ‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन किया जिसमें जिले के पर्यटन स्थलों की जानकारी है। उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं और नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। वन रक्षक भर्ती में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र सौंपे।
कॉफी बागान का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने कुकरू स्थित कॉफी बागान देखा। यह बागान 1944 में ब्रिटिश महिला फ्लोरेंस हेंड्रिक्स द्वारा स्थापित किया गया था और 40 हेक्टेयर में फैला है। उन्होंने ल-वॉन कंपनी के प्रतिनिधियों से कॉफी प्रोसेसिंग और विपणन पर चर्चा की।
इस दौरान केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, विधायक हेमंत खण्डेलवाल, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, वन मंडलाधिकारी लक्ष्मीकांत वासनिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

