महिला की हरकत से कुछ देर के लिए मचा हंगामा, अभिजीत दीपके ने मंच से कहा – “किसी के बहकावे में मत आइए, आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा”
साईडलुक, डेस्क। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान शनिवार को उस समय अचानक तनाव की स्थिति बन गई, जब एक महिला ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक *अभिजीत दीपके* पर कथित तौर पर स्याही फेंक दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने उनके करीब पहुंचकर स्याही फेंकी और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों में आक्रोश देखने को मिला, लेकिन अभिजीत दीपके ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए समर्थकों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न देने की अपील की।
भीड़ में उत्तेजना फैलाने की आशंका, लेकिन समर्थकों ने रखा संयम
घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग महिला को घेरने लगे, जबकि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने मंच से बार-बार अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की। उनके हस्तक्षेप के बाद आंदोलनकारियों ने संयम बरता और प्रदर्शन पूर्व निर्धारित तरीके से जारी रहा। घटना के पीछे महिला की मंशा और पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले भी कर चुके हैं शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
अभिजीत दीपके इससे पहले भी कई सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों से लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन करने की अपील करते रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले भी प्रदर्शनकारियों से तिरंगा और पुस्तक लेकर आने, पुलिसकर्मियों को सम्मान देने तथा किसी भी प्रकार के टकराव से बचने का आग्रह किया था। उनका कहना रहा है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का संघर्ष नहीं बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।
हमला हो या उकसावा, आंदोलन नहीं रुकेगा: दीपके
इससे पहले जयपुर में एक प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर कथित हमला और मारपीट की घटना भी सामने आई थी। उस समय भी उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा था कि हिंसा डर और कायरता की निशानी है तथा उनका आंदोलन गांधी और आंबेडकर के विचारों के अनुरूप शांति और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ेगा। इस बार स्याही फेंके जाने की घटना के बाद भी उनका रुख पहले जैसा ही दिखाई दिया।
घटना के बाद भी जारी रहा आंदोलन
स्याही फेंकने की घटना के बावजूद जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरने पर बैठे रहे और मंच से लगातार संयम बनाए रखने की अपील की जाती रही। घटना ने आंदोलन की सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन स्थलों पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

